देवरिया। बीआरडी को कृषि विश्वविद्यालय बनाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने गेंद पूरी तरह प्रदेश सरकार के पाले में डाल दिया है। केंद्रीय कृषि कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने इसे स्वायत्तशासी संस्थान के रुप में विकसित करने का सुझाव दिया है। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सदर सांसद कलराज मिश्र के पत्र का जवाब देकर इस संबंध में केंद्र की ओर से कोई विशेष उम्मीद नहीं रखने की बात कही है।
सदर सांसद ने 14 दिसंबर वर्ष 2018 को बीआरडी कॉलेज को कृषि विश्वविद्यालय, स्वायत्तशासी पीजी कॉलेज या कृषि शोध संस्थान के रुप में विकसित किए जाने को लेकर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को पत्र लिखा था। 15 जनवरी को केंद्रीय कृषि मंत्री ने उनके पत्र का जवाब भेजा है। कृषि मंत्री ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में पहले ही कानपुर, अलीगढ़, बांदा, फैजाबाद, झांसी, मेरठ, वाराणसी, मथुरा एवं बरेली में लगभग 10 कृषि विश्वविद्यालय, कृषि संस्थान कार्यरत हैं। इसमें से कुछ अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हैं। वाराणसी में कृषि विश्वविद्यालय एवं सब्जी संस्थान दोनों हैं। इसके अतिरिक्त बहुत सारे निजी संस्थान व विश्वविद्यालय प्रदेश के कृषि व कृषि शिक्षा के विकास में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि व कृषि शिक्षा राज्य सरकारों के अधीन विषय है। इसलिए अगर राज्य सरकार चाहे तो बाबा राघवदास पीजी कॉलेज देवरिया को स्वायत्तशासी संस्थान के रुप में परिवर्तन कर सकती है। उन्होंने सदर सांसद को इस आशय का प्रस्ताव राज्य सरकार का भेजने की बात कही है।