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ीआरडी को बचाने की मांग को लेकर छात्रों ने किया प्रदर्शन

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कॉलेज की पहचान को बचाने सड़क पर उतरे बीआरडी के छात्र
कॉलेज के सामने व सुभाष चौक पर जाम लगाकर किया प्रदर्शन
एसडीएम सदर के विरोध में लगाए नारे, एडीएम को सौंपा ज्ञापन
एसडीएम ने महाविद्यालय का नाम निरस्त करने को दिया है नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। एग्रीकल्चर डिग्री कॉलेज के नाम से दर्ज भूमि को उपजिलाधिकारी सदर की ओर से निरस्त किए जाने के विरोध में बीआरडी पीजी कॉलेज के छात्र-छात्रा बुधवार को सड़क पर उतर आए। उन्होंने पहले कॉलेज गेट और इसके बाद सुभाष चौक पर जाम लगाकर नारेबाजी। जुलूस के रूप में छात्र कलेक्ट्रेट पहुंचे। एडीएम प्रशासन राकेश पटेल को ज्ञापन देकर कॉलेज का नाम निरस्त करने की प्रक्रिया को तत्काल वापस लेने की मांग की। कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो सभी छात्र-छात्रा उग्र आंदोलन को विवश होंगे।
कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष जयसिंह यादव के नेतृत्व में बुधवार को छात्रों ने पहले कॉलेज गेट के सामने देवरिया-गोरखपुर मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन करते हुए वहीं बैठ गए। इससे करीब आधे घंटे तक यहां जाम की स्थिति रही। इसके बाद छात्र प्रदर्शन करते हुए सुभाष चौक पर पहुंचे और सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। यहां भी करीब आधे घंटे तक रहने के बाद वह प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुुंचे और सभा की। छात्रों का कहना था कि देवरिया खास की जो भूमि 1954 से महाविद्यालय के नाम पर दर्ज थी और जिसके आधार महाविद्यालय को कृषि की मान्यता दी गई थी, उस पर से एक अक्तूबर को महाविद्यालय का नाम निरस्त करने का सदर एसडीएम ने आदेश दिया है। इस भूमि से ही महाविद्यालय की पहचान जुड़ी हुई है। कृषि की पढ़ाई के लिए यहां देश-प्रदेश के कोने-कोने से विद्यार्थी आते हैं। इसी आधार पर महाविद्यालय को कृषि विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने की मांग हो रही है। बावजूद जनहित को दरकिनार कर एसडीएम ने मनमाने ढंग से यह आदेश जारी करते हुए नोटिस भेज दिया है। इसके पूर्व भी महाविद्यालय के नाम से दर्ज भूमि में से केंद्रीय विद्यालय को भूमि आवंटित की गई है। उन्होंने कहा कि जनपद में कृषि क्षेत्र का एकमात्र महाविद्यालय बीआरडी है। इसमें शोध एवं कृषि प्रबंधन का कार्य क्षेत्र में किया जाता है। इसके न रहने से यह कार्य नहीं हो सकेगा। साथ ही इस भूमि के चले जाने से महाविद्यालय की मान्यता भी रद्द हो सकती है। छात्रों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि एक सप्ताह के अंदर मामले का निराकरण नहीं किया गया तो छात्र बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे। प्रदर्शन में विश्वंभर शाह, अमानेश, सतीश कुशवाहा, प्रिंस जायसवाल, अमित, साक्षी पांडेय, शशिकला यादव, नसरीन फातिमा, अमिता तिवारी, आरती यादव, उषा गुप्ता आदि मौजूद रहीं। उधर, इस बाबत कॉलेज के प्राचार्य डॉ. कमलापति का कहना था कि वर्ष 1954 में तत्कालीन डीएम ने इस भूमि को कॉलेज के नाम आवंटित की थी। एसडीएम के आदेश के बाद 17-18 अक्तूबर को जिला प्रशासन से मिलकर पक्ष भी रखा गया है।
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एनएसयूआई ने भी नोटिस जारी करने का किया विरोध
देवरिया। बीआरडी कॉलेज के मामले में जिला प्रशासन की ओर से नोटिस मिलने के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन भी आ गया है। बुधवार को प्रदेश महासचिव अमूल्य मणि त्रिपाठी ने कहा कि बीआरडी पीजी कॉलेज की जो जमीन वर्षों से उसके पास थी, सरकार उसे अपने अफसरों के बल अपने कब्जे में लेना चाहती है। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन ने महाविद्यालय को नोटिस जारी किया है। यह छात्र हित में बिल्कुल नहीं है। शीघ्र इसे वापस नहीं लिया गया तो संगठन सरकार के विरोध में सड़क पर उतरेगा। इस दौरान कृष्णानंद कुशवाहा, मोनू, सुशील पांडेय, रोहित त्रिपाठी, गोलू कुशवाहा, रोहित रावत, आशीष रावत, आदित्य जायसवाल, अभिषेक मालवीय, दीपक त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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