जेई-एईएस मरीजों की निगरानी करेंगी 84 स्टाफ नर्स
सीएचसी पर बने ईटीसी वार्ड कर्मचारियों की कमी से रहता था बंद
प्रत्येक सीएचसी पर तैनात की गई चार स्टाफ नर्स
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। सीएचसी पर बना इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर (ईटीसी) अब 24 घंटे खुला रहेगा। शासन की ओर से 84 स्टाफ नर्सों को तैनात किया गया है। इससे स्थानीय अस्पतालों पर आने वाले संभावित जेई-एईएस मरीजों को प्राथमिक इलाज बेहतर मिलेगा।
पूर्वांचल में जेई-एईएस का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसको लेकर शासन गंभीर है। जिला अस्पताल में पीआईसीयू वार्ड का विस्तार हुआ है और इंसेफेलाइटिस क्षेत्र रुद्रपुर सीएचसी पर तीन बेड का पीआईसीयू वार्ड बनाया गया है। जिले के 16 सीएचसी पर ईटीसी वार्ड बनाए गए हैं। इसमें एक डॉक्टर, एक स्टाफ नर्स और एक फार्मासिस्ट की दो शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है। यह वार्ड 24 घंटे संचालित होना है, लेकिन स्टाफ नर्स की कमी के कारण ईटीसी वार्ड नहीं खुलते थे। सीएमओ की जांच में भी भटनी, मझगांवा समेत कई सीएचसी का ईटीसी वार्ड रात में बंद मिले। शासन के निर्देश पर सेवा प्रदाता के माध्यम से जिले में 84 स्टाफ नर्सों की तैनाती हुई है। एक सीएचसी पर चार स्टाफ नर्स रखी गई हैं। जिला अस्पताल और रुद्रपुर सीएचसी में बने पीकू वार्ड में भी इनकी तैनाती की गई है। कुल 84 में से छह स्टाफ नर्स ने अभी ज्वाइन नहीं किया है। सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने बताया कि स्टाफ नर्सों की तैनाती से ईटीसी वार्ड 24 घंटे सुचारु रूप से चल सकेंगे। कर्मचारियों की कमी से थोड़ी दिक्कत होती थी।