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- प्रधानाध्यापक और दोनों सहायक अध्यापक निलंबित, तीनों शिक्षा मित्रों का मानदेय रोका
- एनपीआरसी का भी वेतन रोकते हुए मांगा स्पष्टीकरण
- मदैना प्राथमिक विद्यालय में हुए हादसे का मामला
- जांच के लिए बीएसए ने गठित की तीन सदस्यीय कमेटी
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। गौरी बाजार के मदैना प्राथमिक विद्यालय में फ्लैग स्टैंड गिरने से पांचवीं की छात्रा की मौत के मामले में बीएसए ने प्रधानाध्यापक और दो सहायक अध्यापकों को निलंबित कर दिया है। विद्यालय में तैनात तीन शिक्षा मित्रों व एनपीआरसी का वेतन रोकते हुए तीन दिनों में साक्ष्य समेत लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। मामले की विस्तृत जांच के लिए बीएसए ने तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी है। यह कमेटी एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
मदैना प्राथमिक विद्यालय परिसर में बुधवार को गांव के युवकों की ओर से मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित थी। मटकी को बांधने वाले रस्सी का एक सिरा विद्यालय की छत पर स्थित फ्लैग स्टैंड से बांधा गया था। मटकी फोडने के दौरान दबाव पड़ते ही फ्लैग स्टैंड टूट गया था। मलबे में दबने से नीचे खड़ी पांचवीं की छात्रा प्रियंका की मौत हो गई, जबकि दूसरी की छात्रा जैनब सहित कई अन्य जख्मी हो गए। गौरी बाजार के बीईओ गोपाल शरण मिश्र की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। बीएसए ने बीईओ को प्रारंभिक जांच का निर्देश दिया था। अपनी जांच रिपोर्ट में बीईओ ने स्पष्ट लिखा है कि विद्यालय परिसर में नियम विरुद्ध आयोजन के दौरान प्रधानाध्यापक दीपक कुमार सिंह ने न तो कोई आपत्ति जताई और न ही उच्चाधिकारियों को सूचना दी। विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापिका सरोज यादव, प्रियंका भारती, शिक्ष मित्र बालेंद्र सिंह, स्नेहलता सिंह, पूनम सिंह भी मौन साधे रही। उसरी खुर्द के एनपीआरसी अवनींद्र कुमार सिंह ने भी जानकारी देना मुनासिब नहीं समझा। पूरे मामले में विद्यालय स्टाफ की लापरवाही उजागर हुई है। बीईओ की इस रिपोर्ट के आधार पर बीएसए संतोष कुमार देव पांडेय ने प्रधानाध्यापक दीपक कुमार सिंह, सहायक अध्यापक प्रियंका भारती, सरोज यादव को निलंबित कर दिया है। उन्हें अग्रिम आदेश तक इसी विद्यालय पर योगदान देने को कहा गया है। एनपीआरसी और तीनों शिक्षामित्रों का वेतन-मानदेय भी अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए हैं। इन्हें तीन दिनों के अंदर साक्ष्य सहित लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। समुचित जवाब न मिलने पर इनके विरुद्ध भी कार्रवाई होगी। उधर, एक तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित की गई है। यह कमेटी विद्यालय में हुई घटना की विस्तृत जांच कर एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी। इस समिति में गौरी बाजार के बीईओ गोपाल शरण मिश्र, बरहज के बीईओ शैलेंद्र कुमार व रामपुर कारखाना के बीईओ विनोद कुमार त्रिपाठी को नामित किया गया है। बीएसए ने बताया कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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शिक्षिका बनकर गांव में ही पढ़ाना चाहती थी प्रियंका
- हादसे ने पल भर में ही खाक कर दिए अरमान
गौरी बाजार। गरीबी और मुफलिसी के बीच जीवन 0यापन करने को विवश ग्राम उसरी बुजुर्ग निवासी माया देवी व रघुनाथ राजभर अपनी बेटी को शिक्षक बनाना चाहते थे, मगर नियति को शायद यह मंजूर नहीं था। पलक झपकते ही उसके सारे सपने टूट कर बिखर गए। प्राथमिक विद्यालय से लगभग 2 किलोमीटर दूर ग्राम उसरी बुजुर्ग स्थित अपने आवास पर छात्रा की मां माया देवी व दिव्यांग पिता रघुनाथ खरवार ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में जुड़े होने के कारण वह अपने बच्चों को पढ़ा लिखा कर काबिल बनाना चाहते थे, ताकि उनका भविष्य संवर सके। लाड़ली बेटी प्रियंका पढ़ने में काफी तेज थी। अक्सर ही वह कहती थी कि पढ़-लिखकर शिक्षिका बनेगी और अपने गांव के स्कूल में पढ़ाने आएगी। उसके सारे सपने पल भर में बिखर कर रह गए। जन्माष्टमी का पर्व उसके लिए मौत का पैगाम बन गया ग्राम सभा उसरी मदैना की राजपति देवी व प्रतिनिधि रामसहाय सिंह ने बताया छात्रा की अप्रत्याशित मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। उन्होंने पीड़ित परिवार की हर संभव सहायता की मांग की है।