खुखुंदू। 27 वर्षों से ब्लॉक निर्माण की चली आ रही मांग को लेकर ब्लॉक बनाओ संघर्ष समिति एक बार फिर बड़े आंदोलन की तैयारी में है। नए विकास खंड के लिए तैयार परिसीमन में शामिल गांवों में घूमकर टीम के सदस्य ‘संघर्ष समिति का एक ही नारा, खुखुंदू ब्लॉक हो हमारा’ के माध्यम से लोगों को जागरूक कर मुद्दे को और धार देंगे। इसकी तैयारी में समिति के सदस्य लगे हैं। आंदोलन शुरू करने से पहले समिति के सदस्य सीएम से भी मिलने की तैयारी में है। सारी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी अब तक खुखुंदू को ब्लॉक का दर्जा नहीं मिल सका।
1991 में पहली बार खुखुंदू को ब्लॉक बनाने की मांग उठी। पांच दिनों तक आंदोलन भी चला। आंदोलन के अंतिम दिन पूर्व विधायक आनंद यादव, सुधाकर गुप्ता, बेचूलाल चौधरी, बंकटेश्वर यादव, नथुन राय, सोबराती किदवई सहित अन्य कई लोग जेल भी गए। इसके बाद मुद्दा गरमाता गया। बढ़ती मांग को देखते हुए वर्ष 1994 में देवरिया जीआईसी मैदान में एक कार्यक्रम में आई तत्कालीन सीएम मायावती ने खुखुंदू, तरकुलवा सहित तीन ब्लॉकों की घोषणा की। वर्तमान कृषिमंत्री सूर्यप्रताप शाही की सक्रियता से तरकुलवा ब्लॉक बन गया, मगर खुखुंदू की अनदेखी होती रही। ब्लॉक निर्माण को लेकर लगातार ढाई माह तक अनशन भी चला। वर्ष 2011 में रथयात्रा लेकर आए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने समिति के मंच पर स्वयं आकर आश्वासन दिया था कि सपा की सरकार बनते ही ब्लॉक बना दिया जाएगा। उसके बाद सपा की सरकार बनी, मगर मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब बीजेपी शासन में लोगों में एक बार फिर आस जगी है।
11 वर्ष पूर्व तैयार हुआ था परसीमन
तत्कालीन सीडीओ हरेंद्रवीर सिंह ने वर्ष 2007 में खुखुंदू ब्लॉक के लिए परसीमन तैयार कर शासन को रिपोर्ट भेजा था। इसमें भलुअनी ब्लॉक से तीन न्याय पंचायत, सलेमपुर, भागलपुर, देवरिया से दो-दो और भटनी से एक न्याय पंचायत काटकर कुल दस न्याय पंचायतों को शामिल किया गया था। प्रस्तावित ब्लॉक में इन न्याय पंचायतों के 58 ग्राम पंचायतों के कुल 142 राजस्व ग्राम शामिल हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस प्रवक्ता और रुद्रपुर विधायक अखिलेश प्रताप सिंह ने संघर्ष समिति की मांग पर खुखुंदू ब्लॉक का मुद्दा अप्रैल 2015 में विधानसभा में भी उठा चुके हैं, बावजूद नतीजा सिफर है।
ब्लॉक बनाओ संघर्ष समिति अब गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेगी। अब आंदोलन आरपार का होगा। सब्र का बांध टूट चुका है। जल्द ही आंदोलन शुरू होगा।
- नथुन राय, संघर्ष समिति के संरक्षक।
लगातार 27 सालों से समिति संघर्षरत है। जेल भी गए। लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। पहले प्रतिनिधि मंडल सीएम से लखनऊ जाकर मिलेगा। इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
- सोबराती किदवई, संघर्ष समिति अध्यक्ष।
ब्लॉक बनना बहुत जरूरी है
ब्लाक निर्माण से लोगों को सभी योजनाओं की भरपूर जानकारी मिलेगी। इससे क्षेत्र का पूर्णरूपेण विकास होगा। अभी खुखुंदू भलुअनी ब्लॉक में आता है। काफी दूरी और बड़ा क्षेत्र होने से विकास में अड़चनें आती हैं। ब्लॉक के लिए सारी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, परिसीमन भी तैयार है। बस सरकार को संसाधन जुटाना है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव ग्राम आयुक्त और मंत्री को स्वयं पत्र दिया हूं। आश्वासन भी मिला है।
-कमलेश शुक्ला, क्षेत्रीय विधायक।