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कृषि कार्यालय बदहाल,कर्मचारियों की बढ़ी मुश्किलें

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कृषि विभाग के कार्यालय में अंधेरे में काम निपटाते कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। कृषि विभाग में अव्यवस्था के बीच कर्मचारी काम करने को मजबूर हैं। बिजली गुल होने पर कार्यालयों में अंधेरा छा जाता है। इस कारण काम निपटाने में परेशानी होती हैं। खिड़कियों की जाली टूटी हुई हैं और शौचालय भी खराब पड़ा है। बदहाल व्यवस्था की वजह अफसर बजट की कमी बता रहे हैं। गुरुवार को ‘अमर उजाला’ टीम ने कार्यालय का हाल जाना तो कई समस्याएं उजागर हुईं।
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कृषि भवन की बिल्डिंग मरम्मत नहीं होने के कारण जर्जर हो गई है। शौचालय खराब पड़े हैं। दुर्गंध के कारण इसमें ताला लटका हुआ है। भवन का छत हल्की बारिश में ही टपकने लगता है। इस कारण छतों में लगे पंखे खराब हो गए हैं। बिजली की सप्लाई कटने के बाद कार्यालयों में अंधेरा छा जाता है और कर्मचारियों को काम करने में दिक्कतें होती हैं। नीचे कार्यालयों में मोबाइल के टॉर्च की रोशनी में कर्मचारी काम करते दिखे। पूछने कर्मचारियों ने पर बताया कि अब बिजली आएंगी तो काम होगा। अंधेरे में काम कैसे किया जाए। सेकेंड फ्लोर पर बने कार्यालय में बैठे वरिष्ठ सहायक दिनेश कुमार सिंह, राजेश प्रताप, धीरेंद्र प्रताप आदि ने बताया कि बरसात के दिनों में कार्यालय में बैठना दुश्वार हो जाता है। खिड़कियों की जालियां टूटी हैं। इस कारण दिन में मच्छर काटते हैं।

जेनरेटर खराब है। इसकी वजह से कार्यालय में अंधेरा था और काम भी प्रभावित रहा। बजट के अभाव में कार्यालय की हालत जर्जर हुई है। इसके लिए स्टीमेट तैयार कराकर निदेशालय में भेजा गया है।
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एके मिश्र, उप कृषि निदेशक

एक दशक से नहीं हुई रंगाई
कृषि भवन की रंगाई हुए करीब एक दशक हो गए। इतना भी बजट नहीं मिल रहा है कि भवन की रंगाई कराया जा सके। भवन का प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। शौचालय या लघुशंका करने के लिए कर्मचारियों को छत से नीचे आना पड़ता है।
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