देवरिया। चार दिनों से सीबीआई जिले में जमी है। गुरुवार को तीन बालू खनन के ठेकेदारों से टीम ने अलग-अलग पूछताछ की। ठेकेदारों ने जो बताया वह कागजी आंकड़ों से भिन्न रहा। टीम ने जिले में तैनात बालू खनन माफियाओं को शह देने वाले पुलिस विभाग के तीन से चार दरोगाओं का भी नाम सामने आया है। इनका मोबाइल नंबर टीम ने ट्रेस कर रही है।
चार दिनों से सीबीआई टीम ने जिले में डेरा डाला है। बरहज के घाघरा नदी का धारा मोड़ने के नाम पर गौरा बरहज नगर पालिका प्रशासन की ओर से करोड़ों रुपये का बालू खनन कराया गया है। इसके पूर्व बसपा सरकार में पूर्व विधायक स्व. रामप्रसाद जायसवाल के कार्यकाल में अवैध तरीके से हुए बालू खनन जांच में कई अहम तथ्य सीबीआई के हाथ लगे हैं। वर्ष 2009 में परमिट पट्टा के आधार पर तीन लोगों ने बालू खनन कराया है। इसमें बरहज के दो और भागलपुर के एक ठेकेदार शामिल है। तीनों लोगों से शहर के सिंचाई विभाग के डाक बंगले पर सीबीआई ने पूछताछ की। बलिया के एक ठेकेदार और एक चेयरमैन के खाते में किए गए 30 लाख रुपये के लेनदेन से जुड़े कागजात सीबीआई के हाथ लगे हैं। खनन से जुड़ी फाइलों की टीम खंगाल रही है। इसमें बड़े पैमाने पर कागजी अनियमितताएं भी मिली हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर हो रहे बालू खनन प्रकरण की जांच में जहां तेजी आई है। वहीं अजय सिंह की शिकायत को भी सीबीआई ने गंभीरता से लिया है। इनकी ओर से उपलब्ध कराए गए तथ्यों में पहले हुए बालू खनन से जुुड़ी जानकारी भी मिली है। खनन अधिकारी उमाकांत ने बताया कि सीबीआई टीम पूर्व में हुए खनन से जुड़ी कागजात का अवलोकन कर रही है। मांग के अनुसार टीम को कागजात उपलब्ध कराया जा रहा है।