देवरिया। आवंटित कराए गए 145 कांशीराम शहरी आवास डीएम ने निरस्त कर दिए। शिकायत पर डीएम ने टीम गठित कर जांच कराई थी। इसमें आवंटित आवास किराए पर देने की पुष्टि होने पर कार्रवाई हुई। इससे आवास में रहने वालों में खलबली मची है।
पुलिस लाइंस, मेहड़ा अंदर और बाहर कांशीराम शहरी आवास योजना के तहत तत्कालीन बसपा सरकार में भवन के निर्माण हुए थे। पात्रता के आधार पर गरीबों को आवास आवंटित करना था। अफसरों की मिलीभगत से अधिकांश अपात्र लोगों ने आवास आवंटित करा लिए और जरूरतमंद को किराए पर दे दिए। दो माह पहले कांशीराम आवास में अनजान और बदमाश किस्म के लोगों के आने-जानी की शिकायत किसी ने डीएम से की थी। डीएम ने टीम गठित कर जांच का आदेश दिए। अफसरों की जांच में मालूम हुआ कि 144 लोग ऐसे हैं जिनके नाम से आवास आवंटित है, लेकिन वे निवास नहीं कर रहे और किराए पर दे रखा है। एक आवास में आवंटन के समय वक्त से ही ताला बंद है। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने कांशीराम शहरी आवास योजना के तहत आवंटित हुए 145 लोगों के आवास का आवंटन निरस्त कर दिए। रिक्त आवास को नगर पालिका देवरिया के ईओ को सुपुर्द कर दिया गया है। डीएम ने सुजीत कुमार ने बताया कि आवंटन के समय से किराए पर आवंटियों ने आवास दे रखा था। ऐसे में उन्हें आवास की जरूरत नहीं थी। इसलिए आवंटन निरस्त किया गया।
लार और मझौलीराज में भी किराए पर आवास
मझौलीराज और लार नगर पंचायत में कांशीराम शहरी आवास योजना के तहत आवास का निर्माण और आवंटन हुआ है। इसमें भी आवास आवंटन में अफसरों ने पात्रता का ख्याल नहीं रखते हुए अपात्र लोगों को आवास आवंटित किए हैं। इसके चलते आवंटियों ने आवास को किराए पर दे रखा है और बाहरी लोग रह रहे हैं।