सलेमपुर। कोर्ट के फैसले के बाद नौकरी गवा चुके शिक्षामित्रों ने सलेमपुर अपनी आवाज बुुलंद की। केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नगर में प्रदर्शन कर गुस्से का इजहार किया। तहसील पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल को संबोधित मांगपत्र एसडीएम को सौंपा। नौकरी बहाल नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
नगर के सिंचाई विभाग के डाक बंगला पर लार, भागलपुर, भटनी और सलेमपुर ब्लॉक के शिक्षामित्र पहुंचे। चार घंटे तक यहां पर धरना चला। शिक्षामित्रों ने कहा कि जब प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों की नौकरी बहाल नहीं करती है। तब तक शांतिपूर्ण तरीके से शिक्षामित्रों का धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। अगर इसमें प्रशासन बाधक बनेगा तो शिक्षामित्र उग्र होंगे। जिला संयोजक मनोज सिंह ने कहा कि सरकार के पास सिर्फ दो दिन का समय बचा है। अगर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो शिक्षामित्रों का आंदोलन उग्र हो जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। यहां प्रदर्शन करते हुए शिक्षामित्र तहसील में पहुंचे और रामविलास राम को अपनी मांगों का पत्र दिए। एसडीएम के सामने भी नाराज शिक्षामित्रों ने ताली बजाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस मुस्तैद रही। इस दौरान रत्नेश तिवारी, पूनम सिंह, यशवंत सिंह, संतोष ओझा, रमेश यादव, मनोज सिंह चंदेल, जयप्रकाश यादव, संजय पांडेय, पूनम पांडेय, पुष्पा कुशवाहा, शालिनी श्रीवास्तव, सीमा पांडेय आदि मौजूद रहीं।
पत्नी के हक के लिए पहुंचे पति
सलेमपुर। महिला शिक्षामित्रों के साथ इनके पति भी धरना प्रदर्शन में पहुंचे। पत्नी से कई ज्यादा नाराज पति दिखे और सरकार के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली। वहीं महिला शिक्षामित्र निराश और आंखों से आंसू पोंछती हुई दिखाई दीं।