सलेमपुर। पौराणिक और धार्मिक स्थलों का दिन अब बहुरेगा। भारत सरकार की ओर से नामित कार्यदायी संस्था के वर्कर और पर्यटन विभाग के अफसरों ने धार्मिक स्थलों का निरीक्षण किया। करीब चार धार्मिक स्थलों का 3.50 करोड़ रुपये की लागत से सुंदरीकरण होगा। इसकी जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को मिली है।
लोगों का आस्था का केंद्र परशुराम धाम सोहनाग जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण अपना वजूद खोता जा रहा है। पिछले से साल क्षेत्रीय लोगों की पहल के बाद लाखों रुपये खर्च कर बदहाली की ओर जा रहे धार्मिक मान्यता की पहचान रखने वाले तालाब की खुदाई कराया गया। लोगों ने परशुराम धाम के विकास के लिए सांसद रविंद्र कुशवाहा से धन की मांग किया था। सांसद ने भाटपाररानी और सलेमपुर विधानसभा के करीब दस धार्मिक स्थानों पर सुंदरीकरण कराने की मांग केंद्रीय पर्यटन मंत्री से एक साल पूर्व किया था। मंगलवार को जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद राय के नेतृत्व में कार्यदायी संस्था एनपीसीसी के इंजीनियर और वर्कर परशुराम धाम सोहनाग पहुंचे। यहां से निरीक्षण करने के बाद बनकटा तिवारी के जंगली नाथ, भिंगारी बाजार के दिबंगर नाथ मंदिर, सोहनपुर के शिव मंदिर का निरीक्षण किया। सोहनाग में करीब 90 लाख रुपये से मल्टी परपज हॉल, पार्किंग, इंटरलॉकिंग, सोलर लाइट और शौचालय का निर्माण होगा। चारों धार्मिक स्थान के विकास कार्यों पर 3.50 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। इसके अलावा सलेमपुर लोकसभा के बलिया जिले के बेल्थरा और सिकंदरपुर विधानसभा के कुछ धार्मिक स्थलों का भी कायाकल्प सुधरेगा। अरविंद राय ने बताया कि सर्वे का रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।