बाहर से यात्रियों को लेकर आईं 30 से अधिक बसें
बिहार सीमा तक छोड़ा, नोएडा, गाजियाबाद सहित अन्य जगहों से पूरे दिन यात्रियों को लाने का क्रम रहा जारी
जिला प्रशासन के निर्देश पर डिपो में 10 बसों को रिजर्व में रखा गया
शासन के आदेश पर शनिवार को देवरिया से भेेजी गईं थीं 20 बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर जैसे इंडस्ट्रियल क्षेत्रों से 30 से अधिक रोडवेज की बसें वहां से आने वाले लोगों को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचीं। डिपो में बसों का पंजीकरण एवं यात्रियों की स्क्रीनिंग होने के बाद बिहार क्षेत्र के लोगों को मेहरौना बॉर्डर तक छोड़ा गया। प्रशासन के निर्देश पर पूरे दिन बाहर से आने वाले बसें यात्रियों को लेकर पहुंचती रहीं। बसों की और मांग को देखते हुए डिपो प्रशासन ने अभी से 10 बसों को रिजर्व में रखा हुआ है।
शासन के आदेश पर डिपो प्रशासन ने शनिवार को ही 20 बसें दिल्ली सीमा तक भेजी थी। रविवार को अपराह्न दो बजे तक 30 से अधिक बसें बाहर के यात्रियों को लेकर पहुंच गईं। जो यात्री डिपो में उतरे, उनका स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्क्रीनिंग के बाद ही जाने दिया गया। बसों में भर-भर के यात्रियों के आने से अन्य लोगों में भी कोरोना संक्रमण का भय बना रहा। शहर की गोरखपुर-देवरिया मुख्य सड़क पर पूरे दिन बाहर से आने वाले यात्रियों का जत्था दिखा, जो मयसामान अपने गंतव्य तक जाने को बेचैन दिखा। सबके चेहरे पर लटकी मायूसी सी उनकी कहानी बयां कर रही थीं। रोडवेज के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ओम कुमार मिश्र ने बताया कि अब तक 30 गाड़ियां बाहर से आईं हैं। सुबह से शाम तक 10 बसों को लखनऊ भेजा भी गया। सभी यात्रियों से किराया लिया जा रहा है। खरोह चौराहे पर बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच हो रही है। जो यात्री बिहार या सीमावर्ती क्षेत्र के हैं, उन्हें मेहरौना, लार तक छोड़ा गया। आपातकालीन स्थिति के लिए 10 बसों को रिजर्व में रखा गया है। मुख्यालय स्तर से या जिला प्रशासन की ओर से जैसे-जैसे बसों की डिमांड की जा रही है, चालक-परिचालकों की व्यवस्था करके इन्हें भेजा जा रहा है।
गांव में नहीं मिला प्रवेश तो पहुंचा जांच कराने
देवरिया डिपो में दोपहर दो बजे सदर विकास खंड के बरौली क्षेत्र के निवासी सावन सिंह जो दिल्ली में प्राइवेट जॉब करते हैं, जब किसी तरह गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने प्रवेश द्वार पर ही रोक लिया। ऐसेे स्थिति में पत्नी व दो बच्चों के साथ पुन: डिपो पर आए। यहां लगी स्वास्थ्य विभाग की टीम खरोह चौराहे पर जा चुकी थी। रोडवेज के अधिकारियों ने इस परिवार को जिला अस्पताल में जाने की सलाह दी तो यह सभी वहां पहुंचकर अपनी जांच कराए। हालांकि, चिकित्सक ने इनकी जांच के बाद एवं कोरोना संक्रमण से पीड़ित न होने का प्रमाण पत्र दिया, तब यह शाम तक अपने गांव गए।
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बाहर से आ रहे यात्रियों को बस चालक सलेमपुर छोड़कर चल दिया
नगर पंचायत के लोगों ने नाश्ता, पानी का किया इंतजाम
सवांद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। कोरोना वायरस को लेकर सरकार जहां सख्त है। वहीं, बस से दिल्ली से लेकर आ रहे यात्रियों को एक बस का चालक सलेमपुर में छोड़कर चला गया। जब इसकी जानकारी नगर पंचायत सलेमपुर के ईओ अंकिता सिंह को हुई तो उन्होंने ऑटो व ट्रैक्टर-ट्राली से बिहार बॉर्डर मेहरौनाघाट भेजवाया।
कोरोना वायरस को लेकर ट्रेन, रोडवेज की बसों को सरकार ने बंद कर दिया है। इसके चलते लोग परेशान हो गए थे। इसको लेकर रोडवेज की बसों को सरकार ने चालू कराया है। रविवार को छह बसें बापू इंटर कॉलेज के समीप सुबह करीब 10 बजे पहुंचीं। नगर पंचायत के लोग लोगों को नाश्ता कराकर पानी पिला रहे थे। पुलिस लोगों को कतार में खड़ा कराकर नाम नोट कर रही थीं। इसी बीच एक बस का चालक आया और बस में तेल न होने की बात कहकर सभी यात्रियों को वहीं उतारकर बस को मोड़ने लगा। इसको लेकर वहां मौजूद एडीएम वित्त राकेश पटेल, कंडक्टर में बहस होने लगी। तब तक चालक बस को लेकर आगे निकल गया। कुछ देर बाद पुलिस प्रशासन को चकमा देकर कंडक्टर भी फरार हो गया। इसके बाद नगर पंचायत सलेमपुर की वाहनों से यात्रियों को मेहरौनाघाट तक छोड़ा गया। इस बाबत एडीएम वित्त राकेश पटेल ने बताया कि कंडक्टर टिकट व तेल की मांग कर रहा था। परिवहन विभाग में बात हो रही थीं। तब तक निकल गया। इसकी शिकायत परिवहन विभाग को की गई है। इस दौरान एसडीएम संजीव कुमार यादव, एडीशनल एसपी शिष्यपाल सिंह, सीओ वरुण मिश्रा, कोतवाल अश्वनी कुमार राय, मझौलीराज नगर पंचायत के ईओ पंकज कुमार, विजय प्रकाश श्रीवास्तव, ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।
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रेलवे पुल के निर्माण में लगे मजदूर जाना चाहते हैं घर
तुर्तीपार रेलवे ब्रिज के निर्माण में बंगाल बिहार झारखंड से आये थे मजदूर
भागलपुर। तुर्तीपार रेलवे ब्रिज के निर्माण में लगे सैकड़ों मजदूर काम बंद हो जाने के कारण फंस गए हैं। मजदूर अपने घर वापस जाना चाहते हैं। सैकड़ों की संख्या में मजदूरों ने आज बलिया ग्राम के प्रधान नवनाथ यादव से मिलकर अपनी बात बताई। मजदूरों का कहना है कि काम बंद हो जाने के कारण और करोना संक्रमण के चलते हम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हम लोग कहीं जा नहीं पा रहे हैं। बाजार बंद है। गांव के लोग भी हम लोगों को देखकर भड़क जा रहे हैं। प्रशासन हम लोगों को घर भेज देता, इसके लिए हम लोग प्रधान से मिले। प्रधान ने कहा कि हम प्रशासन के लोगों से मिलकर व्यवस्था कराएंगे।
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शासन के निर्देश पर बनाए गए पांच शेल्टर होम
पैदल घर जा रहे मजदूरों के रहने का हुआ इंतजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए जनपदों की सीमाओं को सील कर दिया गया है। लॉकडाउन के कारण मजदूर तबके के लोग अपने-अपने घरों की ओर पलायन कर रहे हैं। जिन्हें रोकने के लिए शासन के निर्देश पर नगर सहित तहसील क्षेत्र के प्रमुख जगहों पर पांच शेल्टर होम बनाया गया है।
गैर प्रांतों और जनपदों से पिछले दो दिनों में लोग महामारी और असुविधाओं को लेकर पलायन करना शुरू कर दिए हैं। लॉकडाउन बेअसर होता देख और बीमारी फैलने की आशंका को लेकर शासन ने सभी को सीमा के अंदर रोकने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम अमित किशोर के निर्देश पर नगर में एसके इंटर कॉलेज, सरोजनी हाईस्कूल, जूनियर हाईस्कूल कपरवार, मईल और भागलपुर के बीजीएम इंटर कॉलेज को शेल्टर होम बनाया गया है। जहां प्रशासन ने सोने-बैठने के लिए चारपाई, नाश्ता-भोजन आदि की व्यवस्था कराई है। तहसीलदार वंशराज राम ने नायब तहसीलदार संजय पांडेय और कानूनगो विशाल नाथ यादव आदि के साथ बनाए गए आश्रय भवन की जानकारी ली। तहसीलदार ने बताया कि पैदल घर जाने से रोकने के निर्देश मिले हैं। शेल्टर होम में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।