तीन भाई कोटेदार, परिवार में 14 अंत्योदय कार्ड
मामला उजागर होने पर निरस्त किए गए अंत्योदय कार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर निवासी तीन भाई करीब बीस साल से कोटे की दुकान चला रहे हैं। इस मामले की शिकायत आला अफसरों के पास पहुंची है। जिला पूर्ति कार्यालय ने जांच शुरू कर दी है।
शहर के गरुलपार निवासी मोहम्मदीन उर्फ भोला के अली अहमद, मकसूद अहमद और शमीम अहमद पुत्र हैं। तीनों सरकारी गल्ले के उचित दर के विक्रेता हैं। इनके नाम से करीब दो दशक से सरकारी गल्ले की दुकान है। इसमें सबसे बड़े अली अहमद की वार्ड संख्या 19 में दुकान नंबर 10600017, वार्ड नंबर 24 में मकसूद अहमद की 10600117, वार्ड नंबर 24 में शमीम अहमद की 10600079 नंबर से दुकान है। इसमें अली अहमद के नाम से स्वयं का अंत्योदय कार्ड है। इसकी संख्या 119020076270 है। गंभीर बात तो यह कि कोटेदार का अंत्योदय कार्ड बन गया। जबकि ऑनलाइन फीडिंग का काम जांच परख के बाद ही होता है।
बेटे, बहू, पत्नी के नाम है कार्ड
देवरिया। शहर में कोटे की दुकान चलाने वाले भाइयों के परिजनों के नाम से विभागीय मिलीभगत से 14 अंत्योदय कार्ड हैं। कोटेदार अली अहमद की पुत्रवधू नाजमा अंसारी पत्नी नजीर, सालेहा पत्नी नसीर, नरगिस खातून पत्नी नईम, हिना तरनूम पत्नी नदीम, कोटेदार मकसूद के शकली पत्नी मनौव्वर अंसारी, कोटेदार की पत्नी अहदून निशा, सबनम जहां पत्नी सेराज, फरीदा खातून पत्नी मेराज, रेयाज अंसारी पुत्र मकसूद, कोटेदार शमीम अहमद की पत्नी जुबैदा खातून, सादाब अंसारी पत्नी शमीम अहमद, राजिया खातून पुत्री शमीम अहमद के नाम से अंत्योदय कार्ड ऑनलाइन फीडिंग में भी दिख रहा है।
डीएम की सख्ती के बाद हुई तत्काल कार्रवाई
देवरिया। तीन भाइयों के नाम से आवंटित सस्ते गल्ले की उचित दर की दुकान के मामले में सोमवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने जिला आपूर्ति अधिकारी को एक घंटे में मामले में जवाब तलब किया। इस पर विभाग हरकत में आ गया। जिलापूर्ति विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए तीनों कोटेदारों के नाम और परिजनों के सात अंत्योदय कार्ड निरस्त कर दिए हैं। जबकि चार अन्य के बारे में ब्योरा जुटा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि मामला गंभीर है। जांच की जा रही है। जिन कर्मचारियों की भूमिका कार्ड जारी करने में रही है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। दुकान की भी जांच की जाएगी। संवाद
कोट
जांच हमें मिली है। पूरे मामले की जांच कर दी गई। जिला आपूर्ति अधिकारी बाहर हैं। मंगलवार को आने के बाद जांच रिपोर्ट सौंप दूंगा। कोटेदार का स्वयं का अंत्योदय कार्ड नहीं बन सकता है।
- फणीश्वर त्रिपाठी, पूर्ति निरीक्षक
कोट
आपूर्ति विभाग शिकायत की जांच कर रहा है। सभी लोग अलग-अलग रहते हैं। जब कार्ड बना होगा तो जांच कर ही विभाग ने बनाया होगा। अब अगर जांच में विभाग अपात्र पाता है तो काट दे। हमें कोई दिक्कत नहीं है। हम सभी कार्डधारकों को ईमानदारी से राशन देते हैं।
-अली अहमद, कोटेदार
कोट
मामला संज्ञान में आते ही हमने दो जांच कमेटी बना दी हैं। किसी भी हाल में कोटेेदार का अंत्योदय कार्ड नहीं बन सकता है। दो दिन में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-संजय पांडेय, जिला आपूर्ति अधिकारी
कोट
हमें सूचना मिली थी कि तीन भाई कोटेदार हैं। इनके परिवार में अंत्योदय कार्ड बना है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए थे। जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।
-जितेंद्र प्रताप सिंह डीएम
कोटे की दुकान के चयन में धांधली का आरोप
देसही देवरिया। बैतालपुर क्षेत्र के महुआडीह गांव में हुए कोटे के चुनाव में एक पक्ष ने चुनाव कर्मचारियों और पुलिस पर अनियमितता का आरोप लगाया है। एसडीएम और बीडीओ को पत्र सौंपकर चयन निरस्त कराकर दोबारा चुनाव कराने की मांग की है।
महुआडीह गांव में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान तत्कालीन कोटेदार के त्यागपत्र के बाद महीनों से रिक्त थी। शनिवार की देर शाम गांव में कोटे की दुकान के लिए चुनाव कराया गया। इसमें दो उम्मीदवार मैदान में थे। दोनों के लिए समर्थकों की दो अलग-अलग कतारें लगवाई गईं। उनकी गिनती कराई गई। एक पक्ष में 318 व दूसरे दावेदार के पक्ष में 316 लोगों की गिनती की गई। दूसरे पक्ष का आरोप है कि उनकी लाइन में खड़े समर्थकों की गिनती आधार कार्ड के साथ पहले हुई। दूसरे पक्ष की गिनती में चुनाव अधिकारी आधार नहीं चेक किए। पुलिस भी निष्क्रिय हो गई और कुछ बाहरी लोग आकर कतार में खड़े होकर संख्या बढ़ा दिए।
विरोध के बावजूद चुनाव अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दिए। बड़ी अनियमितता के साथ आधा-अधूरा चुनाव करा दिया। दूसरे पक्ष की राधा गुप्ता ने एसडीएम व बीडीओ को पत्र देकर चुनाव में धांधली कराए जाने का आरोप लगाया है। मांग की गई कि चुनाव निरस्त कर गांव में खुली बैठक कराकर पारदर्शिता के साथ दोबारा चुनाव कराया जाए। एसडीएम सदर सौरभ सिंह ने मामले की जांच के लिए बीडीओ को निर्देश दिए हैं। संवाद