मेडिकल कॉलेज में चुनिंदा डॉक्टर के परार्मश पर होगी सीटी स्कैन जांच
अनावश्यक जांच रोकने के लिए उठाए गए कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में अब चुनिंदा डॉक्टर के परामर्श पर ही सीटी स्कैन की जांच होगी। इसके लिए सूची तैयार की गई है। इसमें 29 चिकित्सकों को शामिल किया गया है। इससे पहले अस्पताल के किसी भी चिकित्सक के लिखने पर सीटी स्कैन हो जाता था। इसमें कुछ लोग आवश्यकता न होने के बाद भी जांच लिखवा लेते थे। अब इस पर अंकुश लग सकेेगा।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बाबू मोहन सिंह जिला अस्पताल में मरीजों के लिए सीटी स्कैन की स्थापना की गई है। यहां अस्पताल की ओपीडी व वार्ड में भर्ती मरीजों की जांच की जाती है। चिकित्सकों को जांच लिखने की अनुमति दी गई थी।
इसमें तकरीबन तीस डॉक्टर, बीस एसआर, पचास जेआर शामिल थे, जिससे सेंटर पर जांच कराने वालों की भीड़ लगती थी। इसमें कुछ लोग आवश्यकता न होने के बाद भी जांच कराते थे। एक दिन में करीब सौ से अधिक जांच होती थी। रिपोर्ट मिलने तक ओपीडी में चिकित्सक का समय समाप्त हो जाता था। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसे लेकर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल ने अन्य चिकित्साधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद सूची तैयार कराई। इसमें 29 डॉक्टरों को शामिल किया गया है।
कम हो गई सीटी स्कैन जांच
अस्पताल में सीटी स्कैन जांच सूची जारी होने के बाद तकरीबन आधी हो गई है। पहले हर रोज सौ से अधिक जांच होती थी, लेकिन जुलाई को 41, 21 जुलाई को 19 व 22 जुलाई को 55 जांच हुई। इससे मरीजों को आसानी हो गई है।
बिचौलिए भी थे सक्रिय
अस्पताल में सीटी स्कैन जांच सुविधा निशुल्क है। इसे लेकर बिचौलिए सक्रिय हो गए थे। वह बाहर के मरीजों से सेटिंग कर मुफ्त में जांच करा रहे थे। वहीं, जरूरत न होने के बाद भी मरीज को झांसा में लेकर तथा भीड़ से परेशान लोगों की जांच कराते थे।
ये लिख सकते हैं जांच
मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन जांच सूची में शामिल चिकित्सक के लिखने पर ही होगी। इसमें सीएमएस डॉ. एएम वर्मा, जनरल मेडिसिन के डॉ. विजय कुमार गुप्ता, डॉ. सिराजुद्दीन, डॉ. प्रतीक केजरीवाल, डॉ. रणधीर सिंह, सर्जरी के डॉ. राकेश कुमार, डॉ. मानवेंद्र, डॉ. आशीष जायसवाल, डॉ. संजय कुमार, डॉ. राहुल देव, टीबी व चेस्ट के डॉ. डीके सिंह, नेत्र सर्जन डॉ. प्रकाश कुमार, डॉ. सुनील कुमार सिंह, डॉ. कन्हैया प्रसाद, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. टीएन झा, डॉ. शिशिर कुमार, ऑर्थो के डॉ. राजीव कुमार, डॉ. एसके सिंह, बाल रोग के डॉ. आरके श्रीवास्तव, डॉ. एचके मिश्रा, डॉ. रामसकल यादव, स्त्री रोग की डॉ. बबीता कपूर, डॉ. माया सिंह, चर्म रोग के डॉ. अजीत पाल, एनस्थिसिस्ट डॉ. मुकेश, डॉ. अमृतांश पांडेय, प्रियदर्शी, ईएनटी के डॉ. दयाशंकर सिंह, डॉ. महेंद्र प्रसाद, दंत रोग की डॉ. अफसाना अंसारी शामिल हैं।
कोट
सीटी स्कैन जांच में एक्सरे से सौ गुना रेडिएशन होता है, जो नुकसानदेय होता है। सूची में शामिल चिकित्सकों के लिखने पर ही जांच होगी। कुछ लोग आवश्यकता न होने के बाद भी जांच कराते थे। बाहरी लोग भी किसी तरह जांच करा लेते थे। कुछ बिचौलिए भी सक्रिय हो गए थे। इसे देखते हुए व्यवस्था लागू की गई है।
-डॉ. एचके मिश्रा, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक