विशेष लोक अदालत में समझौते से 28 पारिवारिक मुकदमों का पटाक्षेप
देवरिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को जनपद न्यायालय के पारिवारिक न्यायालय में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। वर्षों से चले आ रहे 28 पारिवारिक मुकदमों को समझौते से समाप्त कराया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव न्यायाधीश शिवेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि महिलाओं के लिए विशेष लोक अदालत में कुल 28 पारिवारिक मुकदमों का निस्तारण परिवार न्यायालय द्वारा किया गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय मोहनलाल विश्वकर्मा ने 10, जिनमें रेनू बनाम घनश्याम, गुरूप्रीत बनाम सिमरन, विजय बनाम सुमन, वसंत बनाम पुष्पा, ममती बनाम बबलू, सोनू बनाम शोभा, प्रियंका बनाम अखिलेश, घुरपति बनाम योगेंद्र, मुन्नी बनाम अनुप तथा शोभा बनाम गल्लू के बीच सुलह समझौता कराया गया। अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय प्रथम अनिरूद्ध कुमार तिवारी ने नौ, अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय द्वितीय मनोज कुमार मिश्र ने पांच, अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय तृतीय विष्णु प्रताप सिंह ने चार, तथा सेटलमेंट के रूप में 10.60 लाख की धनराशि पीड़ित पक्षकारों को दिलाई गई।
पेंटिंग प्रदर्शनी के माध्यम से महिलाओं को किया गया जागरूक
देवरिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से रविवार को जनपद न्यायालय के एडीआर सेंटर पर नारी शक्ति एवं स्वावलंबन पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। साथ ही महिलाओं के सामाजिक उत्थान के लिए नारी शक्ति एवं स्वावलंबन पर पेंटिंग प्रदर्शनी लगाकर महिलाओं को जागरूक किया गया। पेंटिंग प्रदर्शनी में नारी स्वावलंबन, नारी ममत्व, नारी के लिए शिक्षा, सामाजिक अवचेतना, कोविड-19 के बचाव में नारी का योगदान, चिकित्सक एवं नर्स के रूप में नारी सम्मान, भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा आदि बिंदुओं प्रदर्शनी लगाई गई। जनपद न्यायाधीश ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से किए जा रहें कार्यों का सराहना करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं के प्रति सम्मान, नारी स्वावलंबन व सामाजिक अवचेतना पर आमजनमानस जागरूक होगा। मौके पर न्यायालय में कार्यरत महिला पुलिसकर्मी प्रियंका यादव को सम्मानित भी किया गया। प्राधिकरण के सचिव न्यायाधीश शिवेंद्र कुमार मिश्र ने कहा महिलाएं अपने अद्भुत साहस, अथक परिश्रम तथा दूरदर्शी बुद्धिमत्ता के आधार पर विश्व में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रही हैं। महिलाओं ने हमेशा से ही एक श्रमिक के रूप में, एक मॉ के रूप में तथा एक अच्छे नागरिक के रूप में अपनी भूमिका का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन किया है। इस दौरान बाल कल्याण अधिकारी जयप्रकाश तिवारी, बीआरडी कॉलेज की डॉ.भावना सिन्हा, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की अध्यक्ष हेमा त्रिपाठी, महिला कल्याण अधिकारी साधना चतुर्वेदी, वन स्टाप सेंटर की मैनेजर नीतू भारती, काउंसलर मीनू जायसवाल, अनुराधा मिश्रा, दिलाशा सिंह, पूजा, वंदना सिंह, चांदनी मिश्र, रेशमा चौरसिया, सलमा खातून, आभा श्रीवास्तव, अन्या विश्वकर्मा, वीनू वर्मा, रीता पांडेय, सुमित्रा पांडेय आदि मौजूद रहीं।