देवरिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2,79,906 मामलों का निस्तारण किया गया। प्रतिकर, जुर्माना और अन्य मामलों में कुल 31,37,00,201 रुपये का सेटलमेंट हुआ।
जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष धनेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सुबह 10 बजे लोक अदालत का शुभारंभ हुआ। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ब्रजेश मणि त्रिपाठी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी इफ्तेखार अहमद, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज अर्चना-द्वितीय समेत न्यायिक अधिकारियों ने फीता काटकर, मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम शुरू कराया।
जिला जज धनेंद्र प्रताप सिंह ने पांच मामलों का निस्तारण कर 2,500 रुपये जुर्माना दिलाया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ब्रजेश मणि त्रिपाठी ने 25 और अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय शिखा रानी जायसवाल ने 27 पारिवारिक मामलों का निस्तारण किया। इनमें पांच विवाहित जोड़े आपसी मतभेद भुलाकर फिर साथ रहने को राजी हुए। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद सुलह-समझौता कराया गया और पांचों दंपतियों को साथ रहने के लिए विदा किया गया।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी इफ्तेखार अहमद ने 242 मामलों का निस्तारण कर 21,86,52,800 रुपये प्रतिकर दिलाया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रज्ञा सिंह ने 1,629 और अन्य न्यायिक अधिकारियों ने 1,688 मामलों का निस्तारण किया। इस तरह न्यायालयों में कुल 3,616 मामले निस्तारित हुए। राजस्व विभाग, बैंक और अन्य विभागों ने 2,76,290 मामलों का निस्तारण किया।
लोक अदालत के दौरान जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से दो लाभार्थियों को पेंशन स्वीकृति प्रमाणपत्र और दो को सुनने की मशीन दी गई। महिला कल्याण विभाग की ओर से चार पात्र महिलाओं को विधवा पेंशन प्रमाणपत्र और एक लाभार्थी को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का प्रमाणपत्र दिया गया।
इस दौरान राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र नाथ त्रिपाठी, अन्य न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, बैंककर्मी, पैनल अधिवक्ता, मध्यस्थ, पीएलवी और वादकारी मौजूद रहे।