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दो दिन बाद खुला अस्पताल तो पहुंचे 2721 मरीज

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मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए मेडिसीन कक्ष के सामने उमडे मरीज व तिमारदार।संवाद - फोटो : DEORIA
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दो दिन बाद खुला अस्पताल तो पहुंचे 2721 मरीज
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मरीजों के आगे कम पड़ी व्यवस्था, नहीं मिली सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी दो दिन बाद मंगलवार को खुलने पर करीब 2721 मरीज पहुंच गए। मरीजों की तादाद के सामने इंतजाम लड़खड़ा गया।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की ओपीडी रविवार व स्वतंत्रता दिवस के बाद मंगलवार को खुली। 2721 लोग इलाज कराने पहुंचे। पर्ची के लिए बने चार काउंटरों पर, जिसमें दो पुरुष व दो महिला का था, जहां सुबह से कतार लगने लगी। मेडिसिन विभाग में मरीजों की कतार थी।
डॉ. विजय गुप्ता व जेआर गुंजन द्विवेदी ने 315 से अधिक मरीजों का इलाज ढाई बजे तक किया। यहीं आलम हड्डी रोग विभाग में रहा। लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। सीनियर रेजिडेंट डॉ. इरशाद आलम, डॉ. अक्षय त्रिपाठी, जेआर डॉ. शशांक मणि त्रिपाठी, डॉ. राना विष्णु प्रताप सिंह ने 345 मरीजों का इलाज किया। चर्म रोग विभाग में डॉ. अजीत पाल व जेआर राजन कुमार ने ढाई बजे तक 248 मरीजों का इलाज किया। बालरोग विभाग में भी सुबह से लंबी लाइन लगी थी, तीमारदार बच्चों को लेकर खड़े थे। उमस भरी गर्मी में बच्चे परेशान थे। डॉ. एचके मिश्रा ने ओपीडी का समय दो बजे समाप्त होने के बाद करीब चार बजे तक 240 मरीजों का इलाज किया।
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नाक, कान, गला विभाग में भी रोज की अपेक्षा अधिक भीड़ रही। डॉ. डीएस सिंह, जेआर राकेश सिंह ने 148 मरीजों का इलाज किया। चेस्ट विभाग में डॉ. प्रतीक केजरीवाल, जेआर शशांक कुशवाहा ने 103 मरीजों का इलाज किया। नेत्र विभाग में डॉ. कन्हैया प्रसाद, डॉ. एसके सिंह ने 256 मरीजों को देखा। सर्जरी में डॉ. संजय कुमार, एसआर डॉ. अनवर, जेआर आनंद प्रकाश करीब 115 मरीजों का इलाज किया। हड्डी, मेडिसिन, चर्म रोग विभाग, एक्स रे, पैथोलाजी में बिना नंबर के पहुंचने पर लोगों ने हंगामा किया। ओपीडी में मरीजों को स्ट्रेचर पर व्हीलचेयर समय से नहीं मिला।
इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एचके मिश्रा ने कहा कि दो दिन बाद खुलने पर अस्पताल में मरीजों की काफी भीड़ हो गई थी। इसके चलते कुछ दिक्कत आई। चिकित्सकों ने सभी मरीजों का इलाज किया। मरीजों को और बेहतर सुविधा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
निरीक्षण में बंद मिला न्यू पीएचसी, तीन डॉक्टर सहित सोलह कर्मी मिले अनुपस्थित
देवरिया। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों का हाल जानने के लिए मंगलवार को प्रभारी सीएमओ ने एक सीएचसी सहित आठ केंद्रों को निरीक्षण किया। इसमें एक न्यू पीएचसी बंद मिली। वहीं, दो चिकित्साधिकारी व एक डॉक्टर सहित सोलह कर्मी अनुपस्थित मिले। उन्होंने गैरहाजिर कर्मियों के एक दिन का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए। जबकि एक चिकित्साधिकारी को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।
प्रभारी सीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह मंगलवार को नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मदनपुर पहुंचे तो स्वास्थ्य केंद्र बंद मिला। उन्होंने सभी कर्मियों के एक दिन का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए। यहां से सीएचसी रुद्रपुर पहुंचे। निरीक्षण में चिकित्साधिकारी डॉ. अनुपम दुबे, डॉ. वाईपी यादव, बीपीएम सुशील कुमार पांडेय, बीसीपीएम वीरेंद्र सान्याल, बीएएम गौरव श्रीवास्तव, डीईओ अखिलेश सिंह, स्टाफ नर्स आनंद कुमार, दामोदर, युगल तिवारी, स्वीपर/चौकीदार राकेश कुमार, विकास दुबे, आरबीएसके की एएनएम सुषमा यादव अनुपस्थित मिलीं। उन्होंने प्रसव वार्ड में विद्युत व्यवस्था ठीक करने तथा साफ-सफाई व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दिए।
यहां से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सिलहटा पहुंचे तो केंद्र बंद मिला। उन्होंने संबंधित सीएचओ का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसके बाद नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पचलड़ी का निरीक्षण किया। यहां फार्मासिस्ट दिनेश मणि त्रिपाठी, अनुपस्थित मिले। यहां से नया स्वास्थ्य केंद्र सरांव बुजुर्ग पहुंचे। निरीक्षण में एलए ओपी सिंह, सीएचओ कंचन कुशवाहा, अनुपस्थित मिलीं। इसके बाद नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एकौना पहुंचे, जहां ओपीडी बढ़ाने के लिए लोगों में प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। वहीं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर एकौना बंद मिला। सीएचओ निधि का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए।
यहां से नया स्वास्थ्य केंद्र नरायनपुर पहुंचे, जहां चिकित्साधिकारी डॉ. अर्पणा कई माह से अनुपस्थित चल रही हैं। फार्मासिस्ट द्वारा ओपीडी कार्य किया जा रहा था। चिकित्साधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। संवाद
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मेडिकल परीक्षण के लिए परेशान रहे सुरक्षा कर्मी
देवरिया। जिला महिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के लिए मंगलवार को आई महिला सुरक्षा कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले के विभिन्न थानों से करीब नौ लोगों को लेकर महिला सुरक्षा कर्मी डॉक्टरी परीक्षण के लिए आई थीं, जिसमें महिलाएं, युवतियां, किशोरियां शामिल रहीं। काफी देर तक डॉक्टर के न आने से वे परेशान रहीं। सुरक्षा कर्मियों ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर अपनी बात रखीं। इसके बाद भी करीब दो बजे तक परेशान रहीं। प्रभारी सीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सभी का मेडिकल परीक्षण किया गया। चिकित्सक के न होने की जानकारी मिलने पर उनसे बात की। इसके बाद वह पहुंच गईं। संवाद
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