कबड्डी के लिए 256 सेट का मैट, प्रशिक्षक ही नहीं
स्पोर्ट्स स्टेेडियम में कबड्डी प्रशिक्षण शिविर नहीं होने से खेलने वाले होते हैं निराश
फरवरी में मिला था मैट, अब उपयोगिता पर उठ रहे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। रवींद्र किशोर स्पोर्ट्स स्टेडियम में कबड्डी का प्रशिक्षण शिविर नहीं होने से संबंधित खिलाड़ियों को निराश होना पड़ता है। यह स्थिति तब है जब यहां साढ़े चार लाख रुपये की लागत से 256 सेट का मैैट भी उपलब्ध है।
खेल निदेशालय की ओर से पिछले वित्तीय वर्ष में कबड्डी का नए 256 सेट के मैट की खरीदारी कर स्पोर्ट्स स्टेडियम को उपलब्ध कराया गया था। उम्मीद जगी थी कि अब यहां के खिलाड़ी भी मिट्टी पर नहीं, मैट पर ही अभ्यास करेंगे। इससे उनके खेल में सुधार होगा और चोटिल होने की आशंका कम होगी। वर्तमान में भी कबड्डी की प्रतियोगिताएं या चैंपियनशिप मैट पर ही खेली जा रही हैं।
आईपीएल की तर्ज पर शुरू हुए प्रो कबड्डी लीग में भी मैट पर खेलकर ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं ने अपनी अलग पहचान बनाई है। कई रेलवे सहित अन्य सरकारी विभागों में नौकरी हासिल कर क्षेत्र का मान बढ़ा रहे हैं। स्टेडियम में मैट की सुविधा उपलब्ध होने के बाद संभावना थी कि इस बार स्टेडियम में कबड्डी का प्रशिक्षण शिविर भी आवंटित होगा।
हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और कबड्डी की नई तकनीक सीखने वालों की उम्मीदों को झटका लग रहा है। खेल कार्यालय में हर दिन कबड्डी में प्रवेश चाहने वाले खिलाड़ी आते हैं लेकिन प्रशिक्षक नहीं होने की बात कहकर इन्हें लौटा दिया जाता है।
बिना प्रशिक्षक के कबड्डी में कॅरियर बनाना संभव नहीं
गोरखपुर क्षेत्रीय क्रीड़ागंन की कबड्डी प्रशिक्षक विजयलक्ष्मी सिंह कहती हैं कि कबड्डी प्रशिक्षण के लिए मैट, मैट का टेप, हॉल, ड्रिल के कोन, मैट शूज एवं सबसे प्रमुख प्रशिक्षक का होना तो अति आवश्यक है। इसके बिना कोई भी खिलाड़ी बेहतर नहीं बन सकता। आधुनिक समय में कबड्डी वैसे भी मैट पर ही खेली जा रही है। प्रो कबड्डी लीग ने तो मंडल के खिलाड़ियों में भी इस खेल के प्रति रुचि बढ़ा दी है।
कोट
कुछ ही दिन ज्वाइन किए हुआ है। कबड्डी का मैट उपलब्ध होने के बारे में वह पता करवाएंगे और इस संबंध में खेल निदेेशालय से पत्राचार किया जाएगा।
-अब्दुल अहद, प्रभारी क्रीड़ाधिकारी एवं क्रिकेट प्रशिक्षक