दो विभागों की खींचतान में रोजाना बर्बाद हो रहा 10 हजार लीटर पानी
लोक निर्माण विभाग की सड़कों के नीचे डाली गई पानी की पापइप में हो रही लिकेज
नगर पालिका के चार बार पत्र लिखने के बाद भी पीडब्लूडी ने नहीं दिया एनओसी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जलकल के पेयजल पाइप में लिकेज के चलते शहर में रोजाना 10 हजार लीटर पीने का पानी बर्बाद हो रहा है। इससे सात मोहल्लों की करीब 25 हजार आबादी दूषित जल पीने को मजबूर है। पीडब्ल्यूडी की मनमानी से बड़ी आबादी को शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। सड़कें अंदर से खोखली हो रही हैं, स्थानीय लोगों को बड़े हादसे का अंदेशा सता रहा है। यह लापरवाही शहर के अलग-अलग जगहों पर छह माह से देखी जा रही है। पाइप की मरम्मत का काम दो विभागों की खींचतान में फंसा पड़ा है।
जलकल की ज्यादातर पाइप सड़कों के नीचे से होकर गुजरी हैं। जहां नगर पालिका की सड़कें हैं, वहां लिकेज मरम्मत में जल्दी हो जाती है। लोक निर्माण विभाग की सड़कों के नीचे पाइप लिकेज होने पर जलकल के अधिकारी विभाग से एनओसी लेने के बाद ही मरम्मत का काम शुरू करते हैं। छह माह पहले पीडब्लूडी की सड़कों के नीचे छह जगहों पर पाइप में लिकेज की समस्या शुरू हुई। शिकायत आने के बाद नगर पालिका ने पहली बार 21 दिसंबर 2022 को पीडब्लूडी एक्सईएन प्रांतीय खंड को एनओसी के लिए पत्र भेजा। कोई जवाब नहीं आने पर तीन बार अनुस्मारक भी भेजे गए। अबतक पीडब्लूडी के अधिकारियों ने एनओसी नहीं दी है। इधर नगर पालिका के अधिकारी भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। सुबह-शाम पेयजल साप्लाई शुरू होने पर पानी बहता रहता है।
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यहां लिकेज है पेयजल पाइप
- सीसी रोड पर परशुराम चौक के उत्तर।
- परशुराम चौक के दक्षिण देना बैं के सामने।
- सीसी रोड पेट्रोल पंप के पास दो जगह।
- रोडवेज के सामने पूर्वी पटरी पर।
- कसया ढाला लकड़ी हट्टा के पास।
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इतनी बार नगर पालिका ने पीडब्लूडी को भेजा गया पत्र
- 21 दिसंबर 2022 को पहला पत्र भेजा गया।
- 06 जनवरी 2023 को अनुस्मारक भेजा गया।
- 24 फरवरी 2023 को दूसरा अनुस्मारक भेजा गया।
- 10 मार्च 2023 को तीसरा अनुस्मारक भेजा गया।
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कभी भी हो सकता हैं हादसे
करीब छह माह से जगह-जगह पेयजल पाइप लिकेज होने के चलते पीडब्लूडी की सड़कें खोखली हो रही हैं। ऊपर की परत कमजोर होते ही भारी वाहनों के पहिए अचानक धंस जाने से बड़ा हादसा हो सकता है। पीडब्लूडी के अधिकारी इस आशंका के प्रति गंभीरता नहीं बरत रहे हैं।
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ऐसे घरों में पहुंचता है दूषित पानी
जलकल से पेयजल की साप्लाई रोजाना सुबह और शाम मिलाकर करीब पांच घंटे दी जाती है। जब आपूर्ति शुरू होती है तो लिकेज वाली जगह पर गंदा पानी भर जाता है। साप्लाई बंद करने पर वही पानी धीरे-धीरे पाइप के सहारे लोगों के घरों में पहुंचता है।
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बिना एनओसी सड़क खोदने पर पीडब्लूडी के इंजीनियर देते हैं धमकी
जलकल के अधिकारी व कर्मचारियों का कहना है कि बीते साल सिविल लाइंस रोड पर पाइप लिकेज की मरम्मत बिना एनओसी लिए कराई जा रही थी। इसी बीच पीडब्लूडी के इंजीनियर आ गए। उन्होंने कर्मियों को जेल भेजने की धमकी दी। किसी तरह मामला शांत हुआ।
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बोले शहरवासी
नगर पालिका जितना गृहकर लेती है उतना ही पेयजल के नाम पर जलकर भी वसूलती है। इसके बावजूद हमें आरओ का पानी खरीद कर पीना पड़ता है। जलकल से अक्सर गंदा पानी आता है। - नंद किशोर पाल, शहरवासी
पेयजल पाइप की मरम्मत में हमेशा देरी की जाती है। लकड़ी हट्टा के पास करीब छह माह से पीने का पानी नाली में बह रहा है। लिकेज की मरम्मत नहीं की जा रही। - अब्दुल हक, शहरवासी
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वर्जन
एनओसी के लिए नगर पालिका की ओर से कई बार पीडब्लूडी को पत्र भेजा गया है। अबतक उधर से जवाब नहीं आया है। वह लोग भी अभी चुनाव में फंसे हुए हैं। चुनाव बाद उम्मीद है कि एनओसी मिल जाए। - पीएन मिश्र, सहायक अभियंता जलकल।
नगर पालिका की ओर से आए पत्र के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। लिपिक से दिखवाता हूं। पाइप लिकेज से सड़क क्षतिग्रस्त होती है। जल्द ही एनओसी दे दिया जाएगा। - राजेश कुमार, एक्सईएन पीडब्लूडी प्रांतीय खंड।