देवरिया। जिले के 27 केंद्रों पर रविवार को शिक्षक पात्रता परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच हुई। दोनों पालियों में कुल पंजीकृत 23,443 अभ्यर्थियों में से 1700 अनुपस्थित रहे। केंद्रों पर बड़ी संख्या में फोर्स तैनात रही। डीएम, एसपी ने खुद कई केंद्रों पर पहुंचकर परीक्षा का जायजा लिया। मातहतों को जरूरी निर्देश दिए। संवेदनशील केंद्रों पर परीक्षा की वीडियोग्राफी कराई गई। हर केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात रहे। केंद्रों के बाहर पुलिस के अधिकारी और जवानों ने केंद्रों के पास अनधिकृत व्यक्ति को फटकने नहीं दिया। कई केंद्रों पर अव्यवस्था से अभ्यर्थी परेशान रहे।
परीक्षा के लिए सुबह से ही केंद्रों पर अभ्यर्थियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दूरदराज के अभ्यर्थी सुबह साढ़े आठ बजे से ही केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। परीक्षा केंद्र पर तलाशी और प्रवेश पत्र से मिलान के बाद ही अभ्यर्थियों को अंदर प्रवेश दिया गया। जिले में परीक्षा के लिए कुल 27 केंद्र बनाए गए थे। इसमें प्रथम पाली में प्राथमिक वर्ग की परीक्षा के लिए 15,735 अभ्यर्थियों ने पंजीयन कराया था। इसमें 1163 अनुपस्थित रहे। दोपहर साढ़े 12 बजे तक यह परीक्षा चली। अपराह्न तीन बजे से शुरू हुई दूसरी पाली में पूर्व माध्यमिक वर्ग की परीक्षा में 7708 के सापेक्ष 537 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। 27 केंद्रों पर 41 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 54 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई थी। कई केंद्रों पर गेट के बाहर अनुक्रमांक नंबर चस्पा नहीं किए जाने की शिकायत अभ्यर्थियों ने की। मझगांवा इंटर कॉलेज केंद्र पर पहुंचने में भी अभ्यर्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़क पर लंबा जाम लगने से अभ्यर्थी खेतों में होकर पगडंडियों के रास्ते केंद्र पर पहुंचे। एसडीएम को भी एक किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। इस केंद्र पर खुद डीएम अमित किशोर ने मौजूद रहकर परीक्षा कराई। परीक्षा शुरू होने के 15 मिनट बाद केंद्रों पर पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को कई जगह प्रवेश नहीं दिया गया।
गणित और मनोविज्ञान के सवालों ने टीईटी अभ्यर्थियों को उलझाया
स्पीकअप
पेपर ठीक आया था। बाकी विषय तो ठीक रहे, लेकिन मनोविज्ञान के सवालों ने खूब समय लिया।
-प्रियंका शाही
सबसे आसान अंग्रेजी के प्रश्न पत्र रहे। गणित व हिंदी के सवालों ने ज्यादा परेशान किया।
-प्रीति सिंह।
परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने शिक्षण सिद्धांत से संबंधित प्रश्नों के ही आने का दावा किया था, जबकि इससे संबंधित सवाल नहीं थे।
-नीलेश पाल।
गणित के सवालों को हल करने में अधिक समय लगा। मनोविज्ञान, अंग्रेजी या संस्कृत, पर्यावरण विषय के सवाल अपेक्षाकृत हल्के रहे।
- शिवेंद्र दीक्षित।
इस बार संस्कृत के सवालों ने ज्यादा परेशान किया। गणित तो आसान रहा, बाकी विषयों के सवाल औसत थे।
-संजू भारती।
पिछले साल की अपेक्षा इस बार सवाल आसान रहे। हिंदी व पर्यावरण विषय के कुछ क्लिष्ट शब्दों ने थोड़ा समय लिया।
-अंतिमा तिवारी।
परीक्षा देकर निकले तो जाम ने किया परेशान
टीईटी के चलते सुबह की पाली में 15 हजार से अधिक अभ्यर्थियों एवं दोपहर की पाली में साढ़े सात हजार अभ्यर्थियों के चलते शहर के मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति रही। रविवार को बाजार बंद होने से आमतौर पर जाम की स्थिति नहीं रहती है। लेकिन परीक्षा एवं परीक्षार्थियों के साथ आए लोगों एवं इनके दोपहिया व चारपहिया वाहनों के चलते जगह-जगह जाम लगा रहा। लोगों ने मुख्य सड़क के किनारे ही अपनी बाइकें और चार पहिया वाहन लगा रखे थे। इसलिए राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दोपहर 12:30 बजे के बाद जैसे ही प्रथम पाली की परीक्षा छूटी, कोतवाली रोड, पोस्टमार्टम चौराहा रोड, न्यू कॉलोनी रोड, देवरिया-गोरखपुर और देवरिया-कसया ओवरब्रिज पर करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा। दोनों ओवरब्रिजों पर जाम के चलते दोनों ओर से कोई निकल नहीं पा रहा था। ट्रैफिक पुलिस भी जाम इस स्थिति में कोशिश करने के बावजूद असहाय बनी रही। लोगों ने आड़ा-तिरछा करके किसी तरह अपने वाहनों को धीरे-धीरे इसमें से निकाला।
आधी परीक्षा के बाद कर दिया बाहर, डीएम आवास पर किया प्रदर्शन
परीक्षा में शामिल नहीं किए जाने पर आक्रोशित एक दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों ने दिन के 12 बजे डीएम आवास पर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी अभिषेक कुमार, कृष्ण पांडेय, पवन सिंह, संदीप चौरसिया, सरिता कुशवाहा, बबिता मिश्रा, जुल्फिकार अंसारी, सुमित यादव, अर्जुन कुशवाहा, सलाहुद्दीन, उदयप्रताप सिंह आदि ने बताया कि वे सभी एनआईओएस द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। हमारे पास प्रथम वर्ष की इंटरनेट कॉपी में अंक पत्र की प्रमाणित छायाप्रति भी थी। लेकिन आधी परीक्षा में बैठने के बाद उन्हें केंद्र से एनआईओएस प्रमाण पत्र एवं अंक पत्र फर्जी होने की बात कहते हुए बाहर कर दिया गया। डीआईओएस कार्यालय और डीएम कार्यालय पर भी फरियाद लेकर जाने पर किसी अधिकारी ने उनकी नहीं सुनी।
ड्यूटी पारिश्रमिक न मिलने की कक्ष निरीक्षकों ने की शिकायत
कई केंद्रों पर परीक्षा निरीक्षकों ने टीईटी के दौरान ड्यूटी लगाए जाने के बावजूद इसका पारिश्रमिक नहीं मिलने की शिकायत की। डीएम ने यह मामला संज्ञान में आने पर उन्हें जल्द ही इसका भुगतान करा देने के निर्देश दिए। केशव प्रताप शाही, धीरज कुमार, विपिन कुमार मिश्र, हीरालाल सिंह, अमित कुमार, विजय कुमार, राकेश सिंह, अमित सिंह, दीपक, अरविंद दुबे, जूही, सुधीर कुमार, दिनेश कुमार आदि ने मानदेेय न मिलने पर नाराजगी जताई।