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कम मतदान प्रतिशत पर चिंतित संघ, विद्यार्थी परिषद को उतारा मैदान में

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कम मतदान प्रतिशत पर संघ चिंतित, विद्यार्थी परिषद को उतारा मैदान में
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अंतिम चरण वाली सीटों पर नेशन फस्ट-वोटिंग मस्ट अभियान को किया तेज
80 प्रतिशत से अधिक मतदान कराने के लिए लोगों को करेंगे प्रेरित
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। लोकसभा चुनाव के लिए अब तक हुए पांच चरणों के मतदान में कम वोटिंग प्रतिशत ने भाजपाई थिंक टैंक की चिंता बढ़ा दी है। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए संघ के निर्देश पर विद्यार्थी परिषद की टीम मैदान में उतर गई है। नेशन फस्ट-वोटिंग मस्ट अभियान के साथ गांव-गांव जाकर मतदाताओं से संपर्क साधने का निर्देश दिया गया है। अभियान को गति देने के लिए विद्यार्थी परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री खुद तीन दिवसीय प्रवास के लिए आ रहे हैं। वह अंतिम चरण में शामिल गोरखपुर, आजमगढ़ मंडल के छह जिलों में प्रवास कर अभियान को गति देंगे।
केंद्र की सत्ता में भाजपा को लगातार दूसरी बार वापसी कराने के लिए संघ जोर-शोर से जुटा हुआ है। भाजपा की सारी चुनावी गतिविधियां संघ के इशारे पर ही संचालित हो रही हैं। आम तौर पर यह धारणा है कि अगर यूपी में मतदान प्रतिशत अच्छा हुआ तो राष्ट्रीय पार्टियों के पक्ष में परिणाम आने की संभावना अधिक रहती है। इससे इतर कम मतदान की स्थिति का लाभ सपा-बसपा जैसे स्थानीय दलों को मिलता है। अब तक के पांच चरणों के लिए संपन्न हुए मतदान के आंकड़ों ने इस खेमे की चिंता बढ़ा दी है। मोदी लहर की नाव पर सवार होकर वह भले ही बहुमत से जीत के दावे कर रहे हों, मगर चिलचिलाती धूप में वोटरों का घरों से न निकलता परेशानी का सबब बना है। लिहाजा विद्यार्थी परिषद को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। विद्यार्थियों-युवाओं के इस संगठन के माध्यम से लोगों को मजबूत राष्ट्र निर्माण के लिए मतदान में हिस्सेदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस अभियान को नेशन फस्ट-वोटिंग मस्ट का नाम दिया गया है। लक्ष्य ऐसे लोगों को मतदान से जोड़ने पर रहेगा, जो राष्ट्रवादी विचारधारा से ओतप्रोत हैं, लेकिन किन्हीं कारणों से वोट देने नहीं जा पा रहे। इन्हें देश के नाम पर सबसे पहले मतदान के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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ऐसे होंगे कार्यक्रम
वैसे तो इस अभियान की शुरुआत विद्यार्थी परिषद ने पहले ही कर दी थी, लेकिन अब मतदान के अंतिम चरण में इस पर पूरा जोर लगा दिया गया है। इसके तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के कम से कम 100 गांवों में चौपाल, नुक्कड़ नाटक, रंगोली, रैली के जरिए लोगों को मताधिकार की महत्ता समझाते हुए देश के लिए वोट करने को प्रेरित किया जाएगा।
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14 को आएंगे क्षेत्रीय संगठन मंत्री
अंतिम दौर में अभियान को गति पकड़ाने के लिए विद्यार्थी परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री रमेश गाड़िया 14 मई से तीन दिवसीय प्रवास करेंगे। इस दौरान वह गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, बलिया, आजमगढ़ जिलों में रुककर कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगे। बता दें कि इन जिलों में लोकसभा की आठ सीटों पर अंतिम चरण में मतदान होना है। इन सीटों पर वोट प्रतिशत बढ़ाना उनका लक्ष्य है। परिषद के विभाग संगठन मंत्री मनीष राय ने बताया कि अभियान का मकसद सिर्फ मतदान प्रतिशत बढ़ाना है। लोगों को प्रेरित किया जा रहा है, जिससे वह अपने मताधिकार के प्रति सजग हों और स्वस्थ-मजबूत लोकतंत्र निर्माण में सहभागी बन सकें।
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