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महिलाओं को जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत

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महिलाओं को जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत
अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत हुआ आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
सलेमपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत महिलाओं ने महिला सशक्तीकरण के लिए नारी शक्ति को जागरूक करने और मतदान में अपने अधिकार का प्रयोग बिना भय के करने का संकल्प लिया। इस दौरान 24 महिलाओं ने शपथ पत्र भरा। रविवार को नगर के सहकारी बैंक के समीप आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. निशा तिवारी ने कहा कि महिलाएं अपने हक व अधिकार का इस्तेमाल करें। चुनाव में निर्भय होकर अच्छे उम्मीदवार का चुनाव करें। वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. शशिकांत तिवारी ने कहा कि महिलाओं को जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद करने की जरूरत है। इस दौरान संतोष कुमार चौधरी, हेमलता, रिंकी पांडेय, रीना देवी, पूनम देवी, प्रियंका तिवारी, निहारिका तिवारी, पूजा तिवारी, बिंदु देवी, सुमन मिश्रा आदि मौजूद रहीं।
महिलाओं ने कहा
छात्रा अविका चौधरी ने कहा कि देश में जगह-जगह महिलाओं पर अत्याचार होने की खबर मिलती रहती है। इसलिए महिलाओं को महिला सशक्तीकरण के लिए प्रेरित करना होगा, तभी महिलाओं को उन पर होने वाले अत्याचारों से मुक्ति मिल सकेगी।
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सुनीता चौधरी ने कहा कि महिलाएं घर की चौखट से बाहर निकलें और समाज की गतिविधियों में अपनी भागीदारी निभाएं। महिलाओं को सशक्त होने से घर परिवार के अलावा क्षेत्र और देश मजबूत होगा। उनके अनुभव का लाभ महिलाओं को मिल सकेगा।
बीटीसी छात्रा प्रीती भारती ने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा के मामले में पुरुषों से आगे बढ़ रहीं हैं। गांवों में भी महिलाएं शिक्षा में पीछे नहीं हैं। लेकिन आज भी महिलाओं को शाम को निकलने में भय रहता है। काननू व्यवस्था को सुधारना जरूरी है।
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पूनम देवी ने कहा कि शिक्षा के साथ महिलाओं को स्वावलंबी बनने की जरूरत है। महिलाएं कंप्यूटर से लेकर तमाम जगहों अपने हुनर का जलवा विखेर रहीं हैं। गांव में भी छोटे-मोटे उद्योग स्थापित कर अपने परिवार के लिए आय का प्रबंध कर सकती हैं।
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