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बीआरडी प्रकरण को लेकर छात्रों ने शुरू किया क्रमिक अनशन

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बीआरडी पीजी कॉलेज की जमीन को लेकर सुभाष चौक पर क्रमिक अनशन पर बैठे छात्र व अन्य लोग। - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। बीआरडी पीजी कृषि कॉलेज की जमीन को बचाने को लेकर छात्रों ने मंगलवार से सुभाष चौक पर क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। विभिन्न राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों के लोगों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों के इस आंदोलन को समर्थन दिया। छात्रसंघ पदाधिकारियों ने एलान किया कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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छात्रसंघ अध्यक्ष जयसिंह यादव व महामंत्री रविशंकर नाथ त्रिपाठी के नेेतृत्व में सुबह में 10 बजे से छात्रों का अनशन शुरू हुआ। अध्यक्ष ने कहा कि पूर्वांचल के गांधी कहे जाने वाले संत बाबा राघवदास ने भिक्षाटन करके मिले धन से वर्ष 1954 में आगरा विश्वविद्यालय से संबद्धता लेकर इस कॉलेज की स्थापना की थी। अब जिला प्रशासन सुनियोजित ढंग से कुचक्र रचकर कृषि महाविद्यालय की 11.25 हेक्टेयर भूमि लेकर इस पर पीएम आवास बनवाने जा रहा है। आवास बनते ही इस कृषि महाविद्यालय की संबद्धता खतरे में पड़ जाएगी। इस कॉलेज में पूर्वांचल सहित मिजोरम, बिहार, नेपाल, काश्मीर एवं अन्य प्रदेशों के छात्र कृषि शिक्षा संकाय में प्रवेश लेते हैं। साथ ही यहां पर कृषि के शोध कार्य भी होते हैं। अन्य छात्रों ने कहा कि छात्रहित में जिला प्रशासन को कॉलेज की निरस्त की गई जमीन को वापस करना चाहिए। सपा सदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व अध्यक्ष व्यास यादव, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रामायण राव व तमाम पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों व सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने भी सुभाष चौक पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन देते हुए जिला प्रशासन के निर्णय पर सवालिया निशान लगाया। अन्य छात्रों ने कहा कि बीआरडी को कृषि विद्यालय घोषित करने व जमीन को वापस करने की मांग जब तक पूरी नहीं होती, आंदोलन चलता रहेगा। अनशन में मनीष, श्रवण शर्मा, सुमित मिश्रा, अनुपम, सत्यप्रकाश सुमन, हरिओम, आलोक, संजीव सिंह श्रीनेत, राजन सिंह, अजीत कटियार, तस्लीम, नीरज यादव, धीरज, सुधांशु रंजन, जयप्रकाश यादव, कृष्णानंद पांडेय आदि शामिल रहे।

छात्र उनकी नहीं सुन रहे : प्राचार्य
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. कमलापति ने बताया कि छात्रों के साथ अन्य सामाजिक संगठनों एवं दलों लोग भी हैं। छात्र इस मुद्दे पर उनकी नहीं सुन रहे हैं। अब तो इस मामले में पुलिस ने मुझ पर भी धाराएं लगा दी है। जल्द ही यहां आने वाले क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी के सामने वह विस्तार से पूरे मामले को रखेंगे।
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