अवैध अतिक्रमण बिगड़ेगी फोरलेन की सूरत
कब्जा हो गई पीडब्लूडी की जमीन, हटाने में विभाग को छूट रहा पसीना
रुद्रपुर मोड़ से कोऑपरेटिव चौराहे तक सड़क पर हुए हैं कई अवैध निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। लोग सड़क कब्जाते रहे और पीडब्लूडी आंख मूंदे बैठा रहा। फोरलेन बनाने की बात आई तो अफसरों के माथे से पसीना आने लगा है। दर्जनों लोगों ने पीडब्लूडी की नाक के नीचे सिविल लाइंस रोड पर पक्का निर्माण कर लिया है। अब नींद से जागे पीडब्लूडी का अवैध निर्माण हटाने को लेकर कई विभागों से खींचतान शुरू हो गई है। अवैध निर्माण हटाए जाएं तो सबसे ज्यादा क्षति जिला पंचायत और नगरपालिका की होगी।
शहर का सिविल लाइंस रोड पीडब्लूडी के नक्शे में 120 फुट चौड़ा है, लेकिन धरातल पर इसकी तस्वीर कुछ और ही है। तमाम जगहों पर हुए अवैध निर्माण के चलते सड़क की जमीन 70 से 80 फीट में सिकुड़ गई है। पक्के ऊंचे मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बन गए हैं। इसकी जिम्मेदार पीडब्लूडी खुद है। इसी सड़क पर विभाग मौजूद होने के बावजूद अधिकारियों ने कभी सड़क की सुध नहीं ली। अवैध निर्माण का मामला संज्ञान में आते ही विभागीय कर्मी ले-देकर मामले को रफा-दफा कराने में लग जाते थे। यही कारण है कि आज सौ से अधिक निर्माण पीडब्लूडी की सड़क पर हुए हैं। जिला पंचायत की करीब 100 से अधिक दुकानें पीडब्लूडी की सीमा में हैं। वहीं, डीएम आवास के बगल में नगरपालिका की दो मंजिला इमारत का कुछ हिस्सा भी सड़क में है। अगर यह निर्माण तोड़े गए नगरपालिका व जिला पंचायत को लाखों रुपये महीना मिलने वाला किराया प्रभावित होगा। वहीं करोड़ों रुपये का भवन भी क्षतिग्रस्त हो जाएगा। अगर नहीं हटता तो फोरलेन की सूरत बिगड़नी तय है।
यहां बढे़गी परेशानी
रुद्रपुर मोड़ से गोरखपुर ओवरब्रिज के पास तक पीडब्लूडी की सड़क पर अवैध कब्जा है। इनमें किसी की चहारदीवारी तो किसी की इमारत का कुछ भाग सड़क पर मौजूद है। फोरलेन बनाने के लिए विभाग को 61 फुट सड़क की जरूरत है। जो कोऑपरेटिव चौराहे पर मौजूद नहीं है। सड़क के एक तरफ भवन है तो दूसरी ओर गांधी आश्रम व सहकारी बैंक की बाउंड्री है। पीडब्लूडी कार्रवाई में सुस्ती बरतता है तो यहां फोरलेन की सूरत बिगड़ सकती है।
पालिका की जो भी दुकानें पीडब्लूडी की जमीन में हैं उन्हें रविवार को खाली कराया जाएगा। अन्य जो भी निर्माण सड़क पर किए गए हैं उसकी जिम्मेदारी पीडब्लूडी की है।
- सीताराम गुप्त, एडीएम।
जहां भी फोरलेन निर्माण में दिक्कत आने का अंदेशा है, वहां अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे। फोरलेन निर्माण हमारी पहली प्राथमिकता है। जिन्होंने अवैध निर्माण किया है उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है।
-धनुषधारी, सहायक अभियंता पीडब्लूडी।