भाटपाररानी। कोटे की दुकान के चयन को लेकर तहसील क्षेत्र के ग्राम बलुआ अफगान की सैकड़ों महिलाओं-पुरुषों ने मंगलवार को तहसील कार्यालय पहुंचकर धरना दिया। संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे डीएम को घेराव कर अपनी पीड़ा बताई। डीएम ने उन्हें समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन देकर शांत कराया।
ग्रामीणों का कहना था कि गांव के कोटे की दुकान डेढ़ वर्ष पूर्व अनियमितता के चलते निरस्त कर दी गई थी। अब नई दुकान के चयन के लिए कोटेदार अधिकारियों से मिलकर पुन: अपने ही परिवार के किसी सदस्य को आवंटित कराना चाहता है, इससे ग्रामीणों में काफी नाराजगी व्याप्त है। इसके लिए कई बार खुली बैठक हो चुकी है, मगर ग्रामीणों के हंगामे के चलते अब तक दुकान चयनित नहीं हो पाई है। उनकी मांग है कि गांव में पुलिस बल की देखरेख में ग्राम पंचायत भवन पर खुली बैठक कराकर गुप्त मतदान से नई दुकान का चयन कराया जाए। पूर्व कोटेदार के किसी परिवार के सदस्य को इस चयन प्रक्रिया में शामिल न किया जाए। इस दौरान गांव के प्रेम नारायण गुप्ता एडवोकेट, लालजी, नरसिंह, गरीब प्रसाद, लालबहादुर, जगदीश, रामबड़ाई, सुनील, विपुल, सुशीला देवी, बादामी, रेशमी, गुड़िया, कैलाशी देवी, सूरसती आदि महिलाएं मौजूद रहीं।