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शानो-शौकत से निकला ताजिया जुलूस

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शानोशौकत से निकला ताजिया जुलूस
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जुलूस में युवाओं के करतब देख हैरान रह गए लोग
अमर उजाला ब्यूरो
बघौचघाट/भाटपाररानी/बरियारपुर। क्षेत्र में मुहर्रम शांति पूर्ण ढंग से मनाया गया। कड़ी सुरक्षा में पूरी अकीदत से ताजिया जुलूस निकला। पारंपरिक रास्तों से होते हुए जुलूस को करबला में पहुंचाया गया। बघौचघाट क्षेत्र के सेमरी, बेलह्मा, हरफोड़ा, मेहा, मलसी आदि गांव के लोग सुबह मदीना बाजार अपनी अपनी ताजिया लेकर पहुंचे, जहां मेला आयोजित था। क्षेत्र के सबसे बड़े करबला तुर्कपट्टी में शाम को बाबूपट्टी, शेखपुरा, सीतापट्टी, बंजरिया, बसडीला, सेखसेमरी, पोखरभिंडा सहित अन्य गांवों के ताजिया दफन किए गए। वहीं भाटपाररानी में भी शांतिपूर्ण ढंग से ताजिया जुलूस निकला। नगर के विभिन्न मोहल्लों में भ्रमण के बाद ताजिया को करबला में ठंडा किया गया। बरियारपुर क्षेत्र के गुद्दीजोर, बरियारपुर, भुजौली, रामपुर अवस्थी, पिपरा, सिसवा, जगदीशपुर में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद ताजिया जुलूस निकाला गया। जुलूस में अली हुसैन और इस्लाम जिंदाबाद के नारे लगते रहे। विभिन्न अखाड़ों के खिलाड़ियों के करतब से लोग रोमांचित हो उठे। विभिन्न मार्गों से होता हुआ जुलूस देर रात करबला पहुंचा। करबला में मौलाना हाफिज गुलाम ने फातिहा पढ़ी। जुलूस में गुद्दीजोर के युवक मुसरफ अंसारी अपने शरीर पर ट्यूबलाइट फोड़कर लहूलुहान हो गए। गुद्दीजोर के अंसार अमन स्टार क्लब अखाड़े के खिलाड़ियों ने एक से बढ़ कर एक करतब दिखाए। अखाडे़ के बुजुर्ग उस्ताद अमीर अली अंसारी ने तलवारबाजी, लठबाजी आदि के कील रख शरीर के ऊपर से बाइक दौड़ा कर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। चमनपुरा इंडियन अंसार क्लब और पुराना अखाड़ा के खिलाड़ियों ने भी लाठी से करतब दिखाए। बिहार के मठिया, बड़हरा, जगदीशपुर, कलाभुजौली, मंडपी, पगरा आदि गांवों के तजिया का धुसवा चौराहे पर मिलान किया गया।

बसडीला में ताजिया का हुआ स्वागत
खुखुंदू। मुहर्रम पर क्षेत्र के नरौलीखेम, बसडीला, दुलहूं, असना, भैसहां गांव से ताजियादारों का जुलूस शुक्रवार को गांवों से निकलकर पहले नरौलीखेम, बसडीला गांव में मिश्रा परिवार के दरवाजे पर पहुंचा। वहां ताजियादारों को मिठाई खिलाकर हिंदू भाइयों ने मुंह मीठा कराया। इसके बाद एक-दूसरे को गले लगाया। वर्षों से चली आ रही परंपरा का इस बार भी पूरी शिद्दत से निर्वहन किया गया। खुखुंदू क्षेत्र के में ताजिया का जुलूस निकालने के लिए किसी सुरक्षा की जरूरत नहीं पड़ती है। उधर, क्षेत्र के जैतपुरा, खजुरी, जुआफर, सुकरौली, खिरसर, सिसवार आदि गांवों का ताजिया सुकरौली करबला पर दफन हुआ। यहां विशाल मेला आयोजित था। इसके अलावा बरडिहां, परसिया, मझवलिया, तेनुआ, सरयां, बरवां आदि गांवों की ताजिया परसिया बरडीहा करबला पर दफन किया गया। बालेपुर कला, मठिया, मगहरा, दोहनी के ताजिए बालेपुर कला करबला और मरहवां, वीरपुर, सोनबरसा, धनौती आदि गांवों के ताजिए मरहवां करबला में दफन किया गया।
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बारिश ने कइयों की उम्मीदों पर फेरा पानी
बरियारपुर। बरसात से मुहर्रम पर युवा कुछ करतब नहीं दिखा पाए। युवा वर्षों से करतब दिखाने के लिए तैयारी की। बरसात से झारी का कार्यक्रम नहीं हो पाया। बरसात से दुकानदारों की चमक गायब हो गई। जलेबी, चाट, मिठाई का स्टॉक जस का तस रह गया। कई दिनों से तैयारियों में जुटे दुकानदारों को बारिश से मायूस होना पड़ा।
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