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वकी्लों ने मांगे गाड़ी के कागज तो भागे पुलिस वाले

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दीवानी कचहरी में कैदी वाहन को रोकर प्रदर्शन करते वकील - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। वकीलों और पुलिस के बीच चल रही तनातनी सोमवार को एक बार फिर से उभर आई। पुलिस के रवैये से वकीलों ने बिना नंबर की बाइक से दीवानी न्यायालय आए एक सिपाही की गाड़ी को रोक कर कागजात मांगे। वकीलों के उग्र तेवर के आगे सिपाही को भागना पड़ा। इसके बाद कैदियों के न्यायालय परिसर में वाहनों का प्रवेश रोक दिया और एसपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वकील पुलिस द्वारा की जा रही वाहन चेकिंग के दौरान डीजीसी सिविल अनीस अहमद की बाइक का भी चालान किए जाने से भड़के हुए हैं। उनका आरोप है कि वाहन चेकिंग के दौरान वकीलों की गाड़ियों का चुन-चुनकर चालान किया जा रहा है।
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पुलिस शहर में कई दिनों से वाहन की चेकिंग कर रही है। सुभाष चौक पर डीएम और एसपी भी वाहनों की चेकिंग कर चुके हैं। सोमवार को शहर के कई स्थानों पर वाहन चेकिंग हो रही थी। सुबह 10 बजे चेकिंग होने के कारण कई लोगों को कार्यालय पहुंचने में भी देर हो गई। सुभाष चौक पर दीवानी न्यायालय के वकील सतीश चंद्र वर्मा बाइक से न्यायालय जा रहे थे। पुलिस ने उनकी गाड़ी का चालान कर दिया। वह बाइक से थे, लेकिन चालान के कागजात में सीट बेल्ट न लगाने को कारण दर्शाया गया। वकील रमेश सिंह भी बाइक से थे, लेकिन इन्हें भी सीट बेल्ट नहीं लगाने पर चालान किया गया। वकील चंद्रशेखर सिंह की बाइक पर नंबर अंकित था, फिर भी पुलिस ने नंबर प्लेट नहीं होना दिखाकर चालान कर दिया। एक ही दिन में सात वकीलों की बाइक चालान होने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा। पीड़ित वकीलों ने न्यायालय परिसर में मौजूद वरिष्ठ वकीलों को घटना की जानकारी दी। यह बात सुनते ही वकील भड़क गए। बोले कि पुलिस सड़क पर वाहन चेक कर रही है, हम पुलिसकर्मियों का न्यायालय परिसर में वाहन चेक करेंगे। इसके बाद वकीलों का समूह दीवानी न्यायालय गेट पर आ गया। इसी बीच एक बाइक पर दो पुलिसकर्मी सवार होकर आए। उनकी गाड़ी पर न तो नंबर थी और न ही हेलमेट लगाए थे। वकीलों ने गाड़ी के कागज मांगे तो पुलिसकर्मियों ने अर्दब में लेने की कोशिश की। इससे वकील उग्र हो गए। वकीलों के तेवर देख पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए। इसपर वकीलों ने पुलिस अधीक्षक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

दो दिन पहले ही खत्म हुआ था आंदोलन
एसपी के खिलाफ अभी तीन दिन पहले ही वकीलों की हड़ताल खत्म हुई है। सोमवार को एक बार फिर से वकील और पुलिस आमने-सामने आ गए। सदर तहसील के वकील एसपी के बिगड़े बोल के खिलाफ 19 दिसंबर से हड़ताल कर रहे थे। हुआ यह था कि 19 दिसंबर को सदर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस पर वकीलों का प्रतिनिधि मंडल डीएम से मिलने गया था। वकील साथी कन्हैया मिश्र की जमीन से कब्जा हटवाने की मांग कर रहे थे। बात डीएम और वकीलों के बीच चल रही थी। इस बीच एसपी बीच में बोलने लगे। वकीलों का आरोप है कि उन्होंने अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया था। डीएम सुजीत कुमार की पहल पर शुक्रवार को वार्ता के बाद वकीलों ने इस आश्वासन पर हड़ताल वापस ली थी कि वकीलों पर दर्ज केस वापस होंगे। वकील कन्हैया मिश्र की जमीन से कब्जा हटवाया जाएगा।
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बाइक सवारों को सीट बेल्ट का चालान
वकील बाइक से न्यायालय जा रहे थे, लेकिन चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों ने कुछ वकीलों की गाड़ी का चालान सीट बेल्ट नहीं लगाने पर किया। यही नहीं नंबर प्लेट होने के बावजूद भी चालान काट दिया गया। यह बात वकीलों को नागवार लगी। इससे वकील नाराज हो उठे। वकीलों ने चेतावनी दी कि पुलिस अधीक्षक का यही रवैया रहा तो पुलिसकर्मियों को न्यायालय परिसर में आने नहीं दिया जाएगा।

कलराज के सामने भी उठा मामला
पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद कलराज मिश्र के सामने भी वकीलों के वाहनों का चालान करने का मामला उठा। जिला पंचायत परिसर में कलराज के आवास पर वकील उनसे मिलने पहुंचे। वकीलों के प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि बाइक से आने वाले वकीलों की गाड़ी का सीट बेल्ट नहीं लगाने पर चालान किया गया है। प्रतिनिधि मंडल के मुताबिक कलराज के आवास पर मौजूद एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने एएसपी सुरेंद्र बहादुर सिंह से बात की। एमएलसी ने वकीलों की गाड़ी छोड़ने की भी बात कही। इसके बाद सांसद कलराज मिश्र ने भी एएसपी से फोन पर बात की और कहा कि बेवजह लोगों को परेशान न किया जाए।
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