फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मूर्ति विसर्जन

विज्ञापन
विज्ञापन
बरहज (देवरिया) । विजय दशमी पर्व पर क्षेत्र में करीब 70 फीसदी स्थापित मूर्तियों का विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान सुरक्षा इंतजामात को लेकर जगह-जगह पुलिस बल तैनात था। जबकि सुरक्षा व्यवस्था की कमान उपजिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी वरुन मिश्र स्वयं सम्भाले हुए थे।
विज्ञापन

शनिवार को दशमी तिथि होने से पाण्डालों में स्थापित मूर्तियों के आयोजक मण्डल की ओर से सुबह 10 बजे ही अपने-अपने साधनों से मूर्तियों को विसर्जनक के लिए लाने का क्रम शुरु हो गया। बरहज के थाना घाट, कपरवार स्थित उग्रसेन सेतु से विसर्जन किया गया। कटइलवा, नौका टोला, बेलडाड़, महेन, दुबौली, बरांव, नेतवार, करुअना, बारा दीक्षित, भलुअनी आदि चौराहों पर माता के आखिरी दर्शन के लिए महिला, पुरुषों और बच्चों का रेला लगने से मेले जैसा माहौल था। लोग माता के दर्शन के साथ-साथ दुकानों पर बने तरह-तरह के मिष्ठान आदि का लुत्फ ले रहे थे। उग्रसेन पुल पर सहूलियत के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। जबकि देर रात तक सेतु से करीब 416 मूर्तियों का विसर्जन किया गया।
इंसर्ट-
कच्ची कारोबारियों की रही चांदी
बरहज। दशहरा और मोहर्रम को लेकर सरकार के दिशा निर्देश पर इस बार प्रशासन काफी चौकन्ना था। जिलाधिकारी के निर्देश पर दो दिन पूर्व से देशी-अंग्रेजी शराब आदि की दुकानें बंद करा दी गई हैं। लेकिन मूर्ति विसर्जन के दौरान जहां आलाधिकारी मूर्तियों को विसर्जित कराने में मशगूल थे। वहीं उग्रसेन पुल के नीचे कच्ची कारोबारियों की चांदी थी। लोगों का कहना है कि शराब की दुकानें बंद होने के कारण अवैध करोबारी 25-50 रुपए मूल्य तक पालीथिन में भरी कच्ची शराब बेच रहे थे। जबकि उपजिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद घाट पर एक पूर्व प्रधान के घर के समीप, रुद्रपुर मार्ग स्थित एक शिक्षण संस्थान आदि कच्ची के ठिकानों पर शौकीनों की भीड़ रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें