भटनी (देवरिया)। अघोषित बिजली कटौती व समस्याओं को लेकर नगर वासियों ने पुल पर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। भाजपा सभासद के अधिकारियों पर कटौती का आरोप लगाने से सपा के नेता भड़क गए और नारेबाजी करने लगे। देखते ही देखते दो पक्षों में मारपीट होने लगी। इससे नाराज होकर एक पक्ष गांधी चौक पर आ गया, जबकि दूसरा वहीं डटा रहा। दोपहर 12 बजे सीओ भाटपाररानी ने बलपूर्वक सड़क जाम को खुलवा दिया। भटनी क्षेत्र में इन दिनों बिजली की कटौती चरम पर है। बार-बार शिकायत के बाद भी स्थिति नहीं सुधरने पर व्यापारियों ने दुर्गा मंदिर पर सर्वदलीय पार्टी के लोगों के साथ बैठक कर आंदोलन करने की रणनीति बनाई। फलस्वरूप बुधवार को व्यापारी व कुछ राजनीतिक पार्टी के लोग बिजली कटौती के विरोध में एक साथ पुल पर चक्का जाम कर प्रदर्शन करने लगे। करीब 11 बजे भाजपा सभासद अशोक वर्मा ने बिजली कटौती के लिए अधिकारियों को दोषी बताया। इस पर सपा के लोग भड़क गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। देखते ही देखते दोनों पक्ष भिड़ गए और दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। इसके बाद व्यापार मंडल अध्यक्ष राजकुमार वर्मा के नेेतृत्व में लोग वहां से गांधी चौक चले आए। जबकि निवर्तमान चेयरमैन और सपा के लोग वहीं रुक गए। करीब 12.30 बजे पहुंचे सीओ भाटपाररानी कुल भूषण ओझा ने पुल पर जामकर रहे लोगों को बलपूर्वक हटाया। इसके बाद सपाइयों ने सीओ को बिजली की समस्या के लिए ज्ञापन दिया। इधर व्यापार मंडल ने जूनियर इंजीनियर गोरख प्रसाद गुप्त को ज्ञापन देकर बिजली कटौती रोकने को कहा। सीओ कुलभूषण ओझा ने बताया कि बिजली कटौती संबंधी ज्ञापन मिला है, इसे अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। मारपीट की कोई तहरीर नहीं मिली है। अगर मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान विजय गुप्त, रमेश चंद्र वर्मा, राजकुमार वर्मा, नवीन गुप्त, डॉ. बलराम जायसवाल, राजेश गुप्त, रोशन जमीर आदि मौजूद रहे। यहां बता दें कि बिजली को लेकर चक्का जाम और प्रदर्शन कर रहे लोगों ने भटनी पुल पर जमकर उत्पात मचाया। प्रदर्शनकारियों ने थाने के होमगार्ड समेत कई राहगीरों की पिटाई कर दी। राहगीरों ने बताया कि प्रदर्शन करने वालों में कुछ युवक नशे में थे और लोगों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे थे।