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हिन्दू धर्म नहीं छोड़ा,सिर्फ शकून के लिए चर्च जाती हूं

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खुखुंदू। हिंदू धर्म से नाता तोड़ने वालों पर पइलहां के लोगों में नाराजगी है। लेकिन ईसाई धर्म स्वीकार करने वाले परिवार को कोई गम नहीं है। इससे गुस्साएं गांववाले खूब ताना मार रहे थे। लेकिन ईसाई मशीनरियों के बहकावे में आया परिवार रटीरटाई बात बोल रहा था। पईलहां गांव निवासी ओमप्रकाश गुप्ता की पत्नी अनीता ने बताया कि शादी के बाद मैं हमेशा बीमार रहती थी। तंत्र मंत्र और पूजा पाठ करती थी। करीब चार साल पहले रुद्रपुर के बर्दगुनिया के डॉ. राजकुमार की संपर्क में आई। उसी समय से देवरिया चर्च में आना-जाना शुरू हुआ और मुझे बीमारी से मुक्ति मिली। तभी से ईसाई धर्म से जुड़ गई लेकिन हिंदू धर्म नहीं छोड़ी हूं। इससे भी मेरी आस्था है। मन की शांति के लिए चर्च जाती हूं। अनीता के यहां ही ईसाई धर्म के अनुयायियों का पहले आना जाना शुरू हुआ। इसके जरिए छह परिवार संपर्क में आए। दो परिवार के लोगों ने घर की महिलाओं के चर्च जाने से रोक दिया। हंसनाथ गुप्ता ने बताया कि जबसे मैं चर्च जाना शुरू किया मेरा व्यवसाय बढ़ने लगा। हरिश्चंद्र गुप्ता की पत्नी गुलाबी देवी का यहीं कहना है। सबसे खास बात यह है कि ईसाई धर्म से जुड़ लोग जब भी किसी के घर जाते हैं तो रात को ही जाते हैं।
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