भटनी (देवरिया)। पुलिस से शिकायत करने से नाराज हिस्ट्रीशीटर अपने पड़ोसी की पिटाई करने लगा। बीच बचाव करने गए सपा नेता व निवर्तमान चेयरमैन की लोगों ने पिटाई कर दिया। मामला बढ़ता देख हिस्ट्रीशीटर दहशत फैलाने के लिए कई राउंड फायरिंग किया पुलिस के सामने से भाग निकला। पुलिस की व्यवहार से नाराज व्यापारियों ने सुबह थाने का घेराव किया और भटनी पुलिस पर सड़क जाम कर दिया। एसपी से वार्ता होने के बाद जाम खत्म हुआ। इसकी वजह से करीब चार घंटे आवाजाही ठप रही।
नगर के हतवा वार्ड निवासी अमानत उर्फ मुन्ना और निजामुदीन के बीच नाली को लेकर विवाद चल रहा है। शनिवार की शाम को निजामुदीन के कहने पर चेयरमैन विजय कुमार गुप्त ने पुलिस से शिकायत की। इससे खार खाए हिस्ट्रीशीटर मुन्ना निजामुदीन की पिटाई रात में करने लगा। इसकी जानकारी होने पर चेयरमैन बीच बचाव करने के लिए पहुंचे। यह देख हिस्ट्रीशीटर बौखला गया और चेयरमैन पर टूट पड़ा। मारपीट में चेयरमैन चोटिल हो गए और लोगों की भीड़ जुुट गई। मामला बढ़ता देख हिस्ट्रीशीटर घर के अंदर से चार राउंड फायरिंग किया। इससे भीड़ तितर बितर हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस हिस्ट्रीशीटर के भाई समेत को हिरासत में लिया। चेयरमैन का आरोप है कि रात को पुलिस मदद करने के बजाए उल्टे केस दर्ज करने की धमकी देते हुए थाने से खदेड़ दिया। इससे नाराज व्यापारी रविवार को लामबंद हो गए और दुकानें बंद कर सुबह करीब 8 बजे थाने पर पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद 9 बजे भटनी पुल पर सड़क जाम कर दिया। 1.30 बजे पहुंचे सीओ कुलभूषण ओझा से व्यापारियों ने वार्ता करने से इंकार कर दिया और एसपी को बुलाने व एसओ को निलंबित करने की जिद पर अड़े रहे। मामला बढ़ता देख कई थाने की पुलसि मौके पर पहुंच गई। दोपहर 1बजे सलेमपुर एसडीएम रामविलास गुस्साएं लोगों से एसपी से मोबाइल पर बात कराए। इसके बाद सड़क जाम खत्म हुआ। प्रदर्शनकारियों ने चौबीस घंटे के अंदर आरोपियों की गिरफ्तारी और एसओ को निलंबित करने की मांग की है। वहीं घायल चेयरमैन की इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। एसओ विजय नरायण ने बताया कि चेयरमैन की तहरीर पर हिस्ट्रीशीटर अमानत उर्फ मुन्ना, पत्नी फातीमा, बेटा रमजान और बिट्टू पर हत्या के प्रयास और मारपीट का केस दर्ज कर लिया गया है।
इन्सेट में
पुलिस छावनी में तब्दील हो गया पुल
भटनी। व्यापारियों का आरोप है कि भटनी पुलिस मनमानी तरीके से कार्य कर रही है। पीड़ितों को थाने से उल्टे कार्रवाई की धमक दिखा लौटा दिया जा रहा है। इससे व्यापारी अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे है। जनहित में एसओ का निलंबित करना आवश्यक है।