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एसपी से मुलाकात नहीं होने पर निराश हुई सुलोचना

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देवरिया। अपनी ननद के भाई से शादी कर पाने में नाकामी के बाद सुलोचना शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंची, लेकिन मुलाकात नहीं होने से निराश हो गई। उसका कहना है कि यदि रविवार तक उसे न्याय नहीं मिला तो वह सोमवार से धरने पर बैठेगी। उसका मरना और जीना अब बृजेश के साथ ही होगा।
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सुलोचना का कहना है कि बृजेश के साथ वह कई साल तक ‘लिव इन रिलेशनशिप’ में भी रही। दोनों शादी करने की बात करते थे, लेकिन बृजेश के भाई और घरवाले राजी नहीं थे। बृजेश के घरवालों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी थी। जानकारी होने पर बृहस्पतिवार को सुलोचना बारात लेकर चकरा उपाध्याय गांव पहुंच गई थी। वहां विवाद हो गया। मौके पर कई थानों की पुलिस और एएसपी ने मामले को शांत कराया था। देर रात तक थाने में पंचायत के बाद दोनों पक्ष के लोग अपने-अपने घर चले गए थे। शुक्रवार को सुलोचना कुछ महिलाओं को साथ लेकर एसपी राजीव मल्होत्रा से मिलने पहुंची, लेकिन एसपी नहीं मिले। सुलोचना की सीओ सिटी से मुलाकात हुई तो उसने उन्हें अपनी पीड़ा सुनाई। सीओ ने बातचीत के जरिए हल निकाले जाने की बात कही। सुलोचना का कहना है कि वह बृजेश के साथ ही रहेगी। यदि उसे न्याय नहीं मिलता है तो सोमवार से एसपी कार्यालय पर धरना पर बैठेगी।
गौरतलब है कि भलुअनी के नंदजी गुप्ता की बेटी सुलोचना बृहस्पतिवार को गाजे-बाजे के बारात लेकर अपनी ननद के भाई बृजेश के गांव चकरा उपाध्याय पहुंची थी। वहां गांव के लोगों के विरोध और मारपीट के चलते शादी नहीं हो पाई। सुलोचना की शादी 2004 में सलेमपुर के मझौलीराज के रहने वाले हरिशंकर के साथ हुई। 2009 में गौना हुआ। उसके एक बेटा और एक बेटी हैं। सुलोचना के छोटे भाई मनीष की शादी फरवरी-2013 में बरहज के चकरा उपाध्याय गांव के तुलसी गुप्ता की बेटी सिंधु के साथ हुई। सिंधु का भाई बृजेश का अक्सर भलुअनी आना-जाना होता था। इसी बीच सुलोचना की अपने भाई मनीष के साले बृजेश से करीबी हो गई। बृजेश सुलोचना की ससुराल मझौलीराज भी पहुंच जाता था। यह बात सुलोचना के पति को नागवार गुजरी। उसने सुलोचना की पिटाई भी की थी। सुलोचना के बुलाने पर बृजेश मझौलीराज पहुंचा और उसे लेकर आया।
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‘बारीपुर मंदिर में की है शादी’
सुलोचना का कहना है कि उसने बृजेश के साथ बारीपुर मंदिर में सात फेरे लिए हैं। साथ जीने और मरने की कसम खाई है। शादी के वक्त की फोटो भी उसने फ्रेम करवा कर रखा है। इसके बाद भी पुलिस इस बात को नहीं मान रही हैं। वह न्याय के लिए अंतिम सांस तक लड़ती रहेगी।
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