देवरिया। मेडिकल कॉलेज के लिए जिले वासियों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। बहुप्रतीक्षित मेडिकल कॉलेज का 26 दिसंबर को शिलान्यास होगा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जयंती के अगले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिले को नए साल का यह तोहफा देंगे। सीएम कार्यालय के निर्देश के बाद जिला प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में सुबह 11 बजे से कार्यक्रम प्रस्तावित है।
केंद्र सरकार के सहयोग से राजकीय मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए 207 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर इसका निर्माण होगा। राजकीय निर्माण निगम को कार्यदाई संस्था नामित करते हुए 50 करोड़ रुपये का केंद्रांश पिछले माह अवमुक्त कर दिया गया था। इसके बाद से ही जल्द शिलान्यास की चर्चाएं शुरू हो गई थी। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लिहाजा सत्ताधारी दल के लोग जल्द से जल्द शिलान्यास की कवायद में जुटे थे, लेकिन कार्यक्रम तय नहीं हो पा रहा था। सूत्रों की मानें तो पहले यह समारोह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर 25 दिसंबर को कराने की योजना थी, मगर बाद में अति पिछड़े जिलों में शामिल सिद्धार्थनगर को वरीयता देते हुए वहां के मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास का कार्यक्रम तय किया गया। इसके अगले दिन 26 दिसंबर को देवरिया में शिलान्यास समारोह होगा। डीएम अमित किशोर ने सीएम के कार्यक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि सुबह 11 बजे से राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में यह समारोह आयोजित होगा। शासन से निर्देश प्राप्त हो चुका है। इसके अनुसार तैयारी शुरू कर दी गई है।
मेडिकल कॉलेज के लिए तोड़ जाएंगे पुराने भवन
उच्चीकृत मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए जिला अस्पताल परिसर में कई पुराने भवनों को तोड़ा जाएगा। सर्वे कर इन भवनों को चिह्नित भी किया जा चुका है। कार्यदाई संस्था ने इन भवनों को खाली कराने के लिए सीएमएस को पत्र भी लिख दिया है। पत्र के अनुसार श्रेणी-1, 2, 3, 4 के आवास, एमओ आवास, नर्स हॉस्टल, पैथालॉजी, कार्यालय, सुलभ शौचालय, आशा गृह, रैन बसेरा, आरओ प्लांट, पंप हाउस, ओएचटी, गैराज, सीएमओ कार्यालय, होम्योपैथी विभाग, पुराना स्टोर, हृदय रोग विभाग, मंदिर, दिव्यांग शौचालय, पोषण पुनर्वास केंद्र, क्षय रोग विभाग, आपातकालीन वार्ड, पुरानी मोर्चरी, कुष्ठ रोग विभाग, औषधालय, अस्थायी टीनशेड आदि शामिल हैं। पीडब्लूडी से मूल्यांकन के बाद इन भवनों को तोड़ा जाएगा।
बिहार और कुशीनगर के मरीज भी लाभान्वित
देवरिया में बनने वाला उच्चीकृत मेडिकल कॉलेज सीमावर्ती क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में अहम रोल निभाएगा। इससे न सिर्फ जिले के बल्कि पड़ोसी कुशीनगर, बलिया और बिहार के मरीज भी लाभान्वित होंगे। अभी यहां के मरीजों को बेहतर उपचार के लिए गोरखपुर या वाराणसी की दूरी तय करनी पड़ती है।
ऐसे बढ़ा प्रस्ताव:
* 09 मई 2017 को शासन ने पत्र भेजकर मेडिकल कॉलेज के लिए 10 एकड़ जमीन मांगी।
* 16 मई को जिला प्रशासन ने उसरा बाजार में जमीन चिह्नित कर रिपोर्ट भेजी।
* 22 मई को शासन ने प्रस्तावित जमीन की जिला मुख्यालय से दूरी की रिपोर्ट मांगी।
* 02 जून को डीएम सुजीत कुमार ने औद्योगिक क्षेत्र से जमीन क्रय करने के लिए रिपोर्ट भेजी।
* 06 फरवरी 2018 को जिला अस्पताल में बेड की जानकारी और 20 एकड़ जमीन की रिपोर्ट मांगी गई।
* 03 अप्रैल को लबकनी में सीएम योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कॉलेज की घोषणा की।
* 10 मई को चिकित्सा व शिक्षा निदेशक केके गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने सर्वे कर जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज खोलने पर मुहर ालगाई।
* 18 जुलाई को केंद्रीय कैबिनेट ने देवरिया में मेडिकल कॉलेज के लिए मंजूरी दी।
* 05 अक्तूबर को वित्त समिति की बैठक में मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 207 करोड़ रुपये का हुआ अनुमोदन।
* 10 नवंबर को केंद्रांश के रूप में 50 करोड़ रुपये अवमुक्त किया गया।