देवरिया। एसबीआई के लखनऊ स्थित मुख्यालय में थंब इंप्रेशन देने जा रहे जिले के चार लोगों की बाराबंकी के पास सड़क हादसे में मौत हो गई। कार चला रहा युवक गंभीर रूप से जख्मी है। घटना की सूचना मिलते ही पीड़ित परिवारों में कोहराम मच गया। मरने वालों में एक युवक तरकुलवा थाना क्षेत्र के कंचनपुर का है जबकि तीन रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के हैं। परिवार के लोग बाराबंकी रवाना हो चुके हैं।
तरकुलवा के कंचनपुर निवासी राजीव शर्मा चौराहे पर ही भारतीय स्टेट बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र चलाते थे। यही उनके परिवार की आजीविका का साधन था। तकनीकी गड़बड़ी से जिले के कुछ ग्राहक सेवा केंद्रों की आईडी बंद हो चुकी थी। इसमें राजीव शर्मा का केंद्र भी शामिल था। इसे शुरू कराने के लिए वह शुक्रवार की सुबह लखनऊ एसबीआई ऑफिस में थंब इंप्रेशन देने घर से निकले थे। परिवार में माता-पिता के अलावा पत्नी सुमन देवी व तीन बच्चे गुनगुन (12), श्याम (10), साक्षी (8) हैं। देर शाम तक घर वाले मौत की सूचना से बेखबर थे। उन्हें यह बताया गया था कि हादसे में राजीव के साथ कुछ लोग घायल हुए हैं। उधर, पति का मोबाइल न लगने से सुमन बेचैन थीं। रामपुर कारखाना के बेलवा बाजार गांव के सेमरहिया टोला निवासी शैलेष पासवान (45) पुत्र महेश शर्मा पांडेयचक चौराहे पर एसबीआई का ग्राहक सेवा केंद्र चलाते थे। चार भाइयों में बड़े शैलेष का एक बेटा रौनक और एक बेटी खुशी है। उनकी पत्नी चंदा देवी और माता कैैलाशी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
इसी थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर गांव के नरेंद्र मिश्र (35) तीन भाइयों में छोटे थे। सहबाजपुर चौराहे पर वह एसबीआई का ग्राहक सेवा केंद्र चलाते थे। उनके दो बेटे शिवम और सिद्धार्थ हैं। माता ज्ञानती और पत्नी कृष्णावती हैं। मिलनसार स्वभाव के नरेंद्र की मौत से हर कोई आहत था। लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा था कि सुबह तक सही-सलामत नरेंद्र अब इस दुनिया में नहीं रहे।
पोखरभिंडा नागभार गांव निवासी पवन मिश्र (39) का गौरा चौराहे पर एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र था। परिवार में पत्नी इंदू देवी, माता ऊषा देवी, दो बेटे हर्ष (12) और आदर्श (8) हैं। इनके केंद्र पर बड़ी संख्या में खाताधारक जुड़ गए थे। ग्राहक सेवा केंद्र के जरिए ही इनके परिवार का खर्च चलता था। वहीं, कार चला रहे शहर के देवरही मोहल्ला निवासी राणा प्रताप सिंह गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। सूचना मिलने के बाद से परिवार के लोग बाराबंकी रवाना हो गए थे। उनके घर पर सन्नाटा पसरा हुआ था।
सीट बेल्ट ने बचाई चालक की जान
हादसे में कार चालक राणा प्रताप बाल-बाल बच गए। घायल चालक ने बताया कि वह सीट बेल्ट बांध रखी थी जिससे टक्कर के समय वह स्टेयरिंग से लड़ने से बच गए। पुलिस के मुताबिक कार पलटने पर चालक घायल होकर चीख रहा था जिसे सीट बेल्ट काटकर बाहर निकालकर जिला अस्पताल भेजा गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बोलेरो से पीछे से टकराने के बाद कार आनियंत्रित होकर हाईवे किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई जिसमें चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सड़क किनारे ट्रक क्यों खड़ा था इसकी जांच होगी।
- जनमेजय सचान, शहर कोतवाल