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बीटीसी प्रशिक्षुओं ने निकाला जुलूस, किया प्रदर्शन

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बीटीसी प्रशिक्षुओ ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर विरोध जताया। - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। कक्षा एक से 12 वीं तक की शिक्षक भर्ती चयन परीक्षा में बीएड अभ्यर्थियों को भी शामिल करने के विरोध में शनिवार को बीटीसी प्रशिक्षुओं ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। टाउनहाल से कलेक्ट्रेट तक वह प्रदर्शन करते हुए गए और प्रधानमंत्री एवं मानव संसाधन विकास मंत्रालय को संबोधित सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा। इसके बाद सांसद सांसद कलराज मिश्र के आवास पर पहुंचे। उनके प्रतिनिधि को मांगों का ज्ञापन दिया।
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संयुक्त प्रशिक्षु मोर्चा बीटीसी के बैनर तले सदस्यों ने टाउनहाल से लेकर कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। ज्ञापन देने के बाद प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश प्रताप सिंह ने कहा कि बीटीसी प्रशिक्षु प्रारंभिक शिक्षाशास्त्र से दो वर्षीय डिप्लोमा में प्रशिक्षण ले चुके या प्रशिक्षणरत हैं। इस योग्यता के आधार पर वह केवल प्राथमिक विद्यालयों में ही नियुक्ति पाने के योग्य हैं, जबकि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से 28 जून को जारी अधिसूचना के अनुसार प्रारंभिक शिक्षाशास्त्र में दो वर्षीय डिप्लोमा वाले अभ्यर्थियों के साथ-साथ बीएड अभ्यर्थियों को भी प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्ति पाने के योग्य मान लिया गया है। भारत सरकार के इस नए आदेश से बीएड अभ्यर्थी कक्षा एक से 12 वीं तक के छात्रों को पढ़ाने के योग्य माने जाएंगे। यह हमारे साथ सरासर अन्याय है। जिलाध्यक्ष विपिन कुमार गुप्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बीटीसी व डीएलएड डिप्लोमा में प्रशिक्षण ले चुके करीब दो लाख अभ्यर्थी बेरोजगार हैं। वर्ष 2019 में इनकी संख्या पांच लाख के पार हो जाएगी। जब तक सरकार नए शासनादेश को वापस नहीं लेती, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन में अरुण सिंह, प्रवीन यादव, संदीप कुमार, धीरज सिंह, ऋषि तिवारी, वेदप्रकाश यादव, मनीष पांडेय, वैभव सिंह, बृजेश श्रीवास्तव, आकाश मल्ल, राजकुमार सिंह, सतीश चंद, रोहित सिंह आदि शामिल रहे।
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