फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीएम से वार्ता में नहीं बनी बात, हड़ताल जारी

विज्ञापन
सदर तहसील में लेखपाल संघ का धरना जारी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
देवरिया/सलेमपुर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ का आंदोलन तेज होता जा रहा है। आंदोलित लेखपालों ने आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दी है। बृहस्पतिवार को लेखपालों से डीएम ने कलेक्ट्रेट में वार्ता भी की, लेकिन बात नहीं बन सकी।
विज्ञापन

सदर तहसील अध्यक्ष राजकुमार मिश्र ने कहा कि शासन की दमनकारी नीति से लेखपाल डरने वाले नहीं हैं। मांगे पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। पूर्व में कई बार चले आंदोलन में सरकार की ओर से आश्वासन मिला, लेकिन उसे तय समय पर पूरा नहीं किया गया। डीएम सुजीत कुमार ने कलेक्ट्रेट में लेखपाल संघ के पदाधिकारियों को बुलाया और एस्मा लगने का हवाला देते हुए धरना खत्म करने को कहा। लेखपालों ने डीएम की बात मानने से इन्कार कर दिया और प्रदेश संगठन के निर्देश पर ही धरना खत्म करने की बात कही। इस दौरान नर्वदेश्वर मिश्र, राधेश्याम द्विवेदी, अनिरुद्ध मिश्र, रामअशीष गुप्ता, सुमित श्रीवास्तव, दुर्गेश, अशोक लाल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। पीडब्लूडी इंजीनियर संघ के अध्यक्ष मारकंडेय तिवारी, संयुक्त राज्य कर्मचारी महासंघ के केएन राय ने लेखपालों को समर्थन दिया। वहीं सलेमपुर में जिलाध्यक्ष चंद्रभूषण पांडेय के नेतृत्व में लेखपाल संघ ने धरना दिया। तहसील अध्यक्ष अवधेश दुबे ने कहा कि सरकार अगर दंडात्मक कार्रवाई करती है तो उसे स्वीकार किया जाएगा, लेकिन आंदोलन नहीं खत्म होगा। हमारे आंदोलन को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का समर्थन प्राप्त है। गांधीवादी तरीके से मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन को समर्थन करते हुए परिषद के जिलाध्यक्ष अशोक पांडेय ने कहा कि परिषद लेखपाल संवर्ग के साथ है। इस दौरान सुनील श्रीवास्तव, गौतम प्रसाद, परशुराम मिश्र, अभिमन्यु मणि, प्रेमप्रकाश यादव, देवी, अर्चना, जितेंद्र सिंह, रामप्रसाद पांडेय, कल्पना पांडेय, संध्या, साधना, नेहा यादव, नीतू आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें