त्ति विहिन शिक्षको ने बोर्ड कापी मुल्यांकन के विरोध मे अपने पत्रो को जला कर विरोध जताया।
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। यूूपी बोर्ड परीक्षा के हाईस्कूल एवं इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शनिवार से शहर के छह केंद्रों पर कड़ी निगरानी के बीच शुरू हो गया। पहले ही दिन ड्यूटी में लगाए गए कुल 2384 परीक्षकों में मात्र 803 ही उपस्थित रहे। वहीं वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों ने मूल्यांकन का बहिष्कार किया।
हाईस्कूल की कॉपियां लाला करमचंद थापर इंटर कॉलेज बैतालपुर, महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज देवरिया, अशोक इंटर कॉलेज रामपुर कारखाना डुमरी और इंटरमीडिएट की शहर के राजकीय इंटर कॉलेज, बीआरडी इंटर कॉलेज एवं एसएसबीएल इंटर में सुबह 10 बजे से शुरू हुई। विभिन्न केंद्रों के डिप्टी हेड ने मॉडल के तौर पर पहले खुद कॉपियों को जांच कर दिखाया और जांच के वक्त की जाने वाली सावधानियों को बताया। इसके बाद तैनात किए गए परीक्षकों ने कॉपियों का मूल्यांकन प्रारंभ किया। जिला विद्यालय निरीक्षक शिवचंद राम ने बताया कि अगले 15 दिनों तक यह मूल्यांकन कार्य चलेगा। पहले दिन जिले के छह केंद्रों पर मॉडल के तौर पर कॉपियों के जांच की विधि बताई गई। पहला दिन होने के नाते परीक्षकों की संख्या कम रही। एक दिन में हाईस्कूल में 50 एवं इंटर की 45 कापियों को जांचने का निर्देश दिया गया है।
मानदेय नहीं मिलने तक जारी रहेगा बहिष्कार
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने बकाए मानदेय को लेकर मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। शनिवार को वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों ने जीआईसी प्रांगण में बैठक कर अन्य शिक्षकों को भी बहिष्कार के लिए प्रेरित किया। प्रदेश महासचिव लाल बहादुर यादव ने कहा कि पिछली सरकार ने वित्तविहीन शिक्षकों के लिए मानदेय जारी किया था, लेकिन इस शिक्षक विरोधी सरकार ने उस मानदेय को समाप्त कर दिया। शासन एवं प्रशासन यदि इस मुद्दे के समाधान के लिए गंभीर नहीं हुए तो वित्तविहीन शिक्षक न कॉपियां जांचेंगे, न जांचने देंगे। बैठक को जिलाध्यक्ष मुमताज अली, बालेश्वर यादव, राजकिशोर यादव, अरुण श्रीवास्तव, श्रीनारायण यादव, अखिलेश पांडेय आदि ने संबोधित किया।