गौरीबाजार (देवरिया)। गौरीबाजार थाना क्षेत्र के एक गांव में शनिवार की शाम बदनामी के डर से एक छात्रा ने कमरा बंद कर खुद को आग के हवाले कर दिया। कमरे से धुआं उठता देख लोग जब तक पहुंचते और दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकालते, तब तक उसने दम तोड़ दिया। सूचना के एक घंटे बाद पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। छात्रा की दादी ने विद्यालय प्रबंधक, उनके बेटे समेत पांच लोगों के खिलाफ तहरीर दी है, लेकिन पुलिस ने देर शाम तक केस दर्ज नहीं किया था।
मकतूल छात्रा अजोरा देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भटौली बुजुर्ग में पढ़ती थी। स्कूल प्रबंधक पप्पू यादव अनुदेशक हैं। दिन में वह अपने विद्यालय चले जाते हैं। यहां का काम उनका बेटा प्रदीप देखता है। बताया जाता है कि इसी दौरान उसकी छात्रा से नजदीकी बढ़ गई। शनिवार की दोपहर छात्रा स्कूल में ही प्रबंधक के बेटे से बात कर रही थी। इसी दौरान उसका छोटा भाई पहुंच गया। उसने आपत्ति की तो प्रबंधक के बेटे ने कुछ लोगों के साथ मिलकर उसकी पिटाई कर दी। छात्रा के भाई ने घर आकर पूरी बात बताई।
उधर, स्कूल के प्रधानाचार्य ने छात्रा को बुलाकर डांटा। कुछ देर बाद ही प्रबंधक का बेटा अपने कुछ सहयोगियों को लेकर छात्रा के घर जा पहुंचा और घरवालों को मुंह न खोलने की धमकी दी। छुट्टी होने पर छात्रा स्कूल से घर लौटी। बदनामी के डर से एक कमरे में गई और अंदर से बंद कर लिया। यहां मिट्टी का तेल छिड़ककर उसने आग लगा ली। कमरे से धुआं उठता देख घरवालों ने शोर मचाना शुरू किया तो आसपास के लोग जुटे और दरवाजा तोड़कर छात्रा को बाहर निकाला गया। वह गंभीर रूप से झुलस गई थी। कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया।
मृत छात्रा की दादी ने थाने जाकर प्रबंधक पप्पू यादव और उनके बेटे प्रदीप यादव समेत पांच के खिलाफ तहरीर दी। एसओ अनिल कुमार सिंह का कहना है कि तहरीर मिली है। आरोपी के परिवारवाले घर छोड़कर फरार हैं। केस दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।