देवरिया। राजकीय इंटर कॉलेज में शांतिपूर्ण ढंग से चल रही मतगणना में पुलिसकर्मियों की नादानी भारी पड़ गई। मुख्य प्रवेश द्वार पर भाजपा नेता से उलझे पुलिसकर्मियों ने पत्रकार दीर्घा में घुसकर लाठियां चलानी शुरू कर दी। एक पत्रकार का सिर फट गया तो कई चोटिल हो गए। मोबाइल भी टूट गए हैं। पत्रकार दीर्घा के बगल में रिजर्व कर्मियों के बने पंडाल में बैठे उप निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार सिंह बाल-बाल बचे। एक पुलिसकर्मी ने नीचे सिरकर कुछ लिख रहे उप निर्वाचन अधिकारी पर लाठी तान दी थी। संयोग से एसडीएम सदर की नजर पड़ गई, वह दौड़कर आए और पुलिसकर्मी को डांटकर भगाया। पुलिस ने एक भाजपा नेता को पकड़कर लॉकअप में डाल दिया।
हुआ यूं कि भाजपा नेता और अध्यक्ष पद प्रत्याशी के एजेंट उग्रसेन राव व पवन मिश्र दोपहर 12.30 बजे पानी की बोतल और कुछ खाने की सामग्री लेकर मतदान स्थल में प्रवेश कर रहे थे। मुख्य गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने दोनों को रोक दिया। बोले पानी की बोतल अंदर नहीं जाएगी। डीएम ने रोक लगा रखी है। भाजपा नेताओं ने आपत्ति की। देखते ही देखते मामला तूल पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों और भाजपा नेताओं में तू-तू-मैं-मैं के बाद भाजपा नेता अंदर प्रवेश कर गए। इसी बीच सीओ सिटी संदीप सिंह और सदर कोतवाल राय साहब यादव भी पहुंच गए। भाजपा नेताओं की उनसे भी बहस हो गई। इस बीच सीओ आपा खो बैठे। उनके मारो बोलने के साथ ही पुलिसकर्मी टूट पड़े। जान बचाने के लिए भाजपा नेता उग्रसेन राव मीडिया दीर्घा में पहुंचे। पुलिसवाले यहां यहां भी पहुंच गए। आंख मूंदकर लाठियां भांजनी शुरू कर दी। मीडियाकर्मियों को भी नहीं बख्शा। कई पत्रकार घायल हो गए, लेकिन पुलिस अधिकारी तमाशबीन बने रहे। रिजर्व पुलिसकर्मियों के लिए लगे पंडाल में उप निर्वाचन अधिकारी के बगल में बैठे पत्रकार सीपी पांडेय पुलिस की लाठी से लहूलुहान होकर गिर पड़े। इसके बाद पत्रकार आक्रोशित हो गए और दोषी सीओ सिटी संदीप सिंह के साथ ही सदर कोतवाल राय साहब यादव को निलंबित करने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। इसकी सूचना मिलते ही डीएम और एसपी के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन दोनों अधिकारियों का काफिला मतगणना केंद्र पहुंचा। डीएम और एसपी ने पत्रकारों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन पत्रकार सीओ सिटी और सदर कोतवाल के निलंबन की मांग पर अड़ गए। दोनों अधिकारियों ने जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। एएसपी सुरेंद्र बहादुर को जांच सौंप दी गई।
-------
घायल पत्रकार को देखने अस्पताल पहुंचे डीएम और एसपी
देवरिया। पुलिस की लाठी से घायल पत्रकार सीपी पांडेय के सिर में सात टांके लगे हैं। डीएम सुजीत कुमार और एसपी राकेश शंकर घायल पत्रकार को देखने जिला अस्पताल पहुंचे। डीएम ने खेद जताया।
--------
लाठी चार्ज का जवाब देंगे सीओ
देवरिया। उप निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि न तो उन्होंने और न ही एसडीएम सदर ने लाठीचार्ज का आदेश दिया था। आखिर पुलिस ने किसके आदेश पर लाठीचार्ज किया है। इसका जवाब सीओ सिटी देंगे। उनका कहना था कि यहां सबकुछ ठीक चल रहा था। भाजपा नेताओं को समझाकर भी मामले को समाप्त किया जा सकता था। वह रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजेंगे।
-------
पुलिसकर्मियों ने ज्यादती की: डीएम
देवरिया। डीएम सुजीत कुमार ने माना कि पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज कर ज्यादती की है। पत्रकारों पर लाठीचार्ज निंदनीय है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। वीडियोग्राफी के फुटेज भी देखे जाएंगे। जो भी दोषी होगा, चाहे वह पुलिसकर्मी हो या आम नागरिक, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वैसे, वीडियो फुटेज देखने से लग रहा है कि पुलिसकर्मी ही दोषी हैं।
---------
कहानी गढ़ने में लगी पुलिस
देवरिया। घटना के बाद पुलिस के अधिकारी अपने अधीनस्थों को बचाने में लग गए हैं। एसपी राकेश शंकर सीओ सिटी और सदर कोतवाल से बात कर रहे थे कि महिला पुलिसकर्मी से अभद्रताी करने का फुटेज कहीं से लाओ। हकीकत तो यह है कि मुख्य द्वार पर केवल पुरुष पुलिसकर्मी ही तैनात थे। महिला पुलिसकर्मी कुछ दूूरी पर स्कूल के स्टैंड में खड़े वाहनों पर बैठी थी।
-------
हाल जानने नहीं पहुंचा कोई भाजपा नेता
देवरिया। दो भाजपा नेताओं और पत्रकारों की पिटाई की सूचना के बाद भी भाजपा का कोई बड़ा नेता हालचाल जानने नहीं पहुंचा। संयोग से पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद कलराज मिश्र भी जिले में आए हैं। बताया जा रहा है कि सुरक्षा कारणों की दुहाई देकर जिला प्रशासन के लोगों ने बड़े नेताओं को मौके पर न आने की बात कह दी थी।
महिलाओं पर कमेंट पास कर रहे थे पुलिसकर्मी
देवरिया। मतगणना स्थल राजकीय इंटर कॉलेज गेट पर तैनात पुलिसकर्मी पास चेकिंग करने के बहाने कमेंट पास कर रहे थे। शुक्रवार की सुबह 10 बजे जीआईसी में मतगणना का कार्य तेजी पर था। मतगणना स्थल आईं कुछ महिला प्रत्याशियों के प्रवेश पास साड़ी के पल्लू से ढके थे। ऐसी महिलाओं को परिसर गेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों के कमेंट का सामना करना पड़ा। जांच के दौरान मुस्कुराहट लिए एक सिपाही बोल रहा था कि जब पास मिला है तो दिखाकर जाइए। बाकी साथी ठहाके लगा रहे थे। हालांकि परिसर गेट पर अधिकांश नए भर्ती हुए सिपाही तैनात थे। एक महिला प्रत्याशी ने कहा कि पुलिसवालों के मुंह लगना ठीक नहीं है।