रुद्रपुर। तहसील बार एसोसिएशन रुद्रपुर की साधारण सभा की बैठक में बुधवार को नव निर्वाचित अध्यक्ष और मंत्री को पदच्युत कर दिया गया। एल्डर्स कमेटी के संरक्षण में आयोजित बैठक के दौरान अध्यक्ष और मंत्री पर सदस्यों ने अधिवक्ता हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्हें संघ विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने का आरोप लगाकर हटा दिया गया।
साधारण सभा ने अध्यक्ष फणिंद्र नाथ पांडेय और महामंत्री विश्वविजय मल्ल को हटाकर निर्वाचित कमेटी में उपाध्यक्ष रहे बालेंदु पांडेय को कार्यवाहक अध्यक्ष और सुरेश यादव को कार्यवाहक मंत्री नियुक्त किया है। एल्डर्स कमेटी के सदस्य रमेश चंद मणि ने कहा कि निर्वाचित अध्यक्ष और मंत्री पर अधिवक्ता हितों की अनदेखी करने का आरोप लगता रहा है। साधारण सभा के सदस्यों ने दोनों पदाधिकारियों पर संगठन विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने का आरोप लगाया है। तमाम शिकायतों के बाद भी निर्वाचित अध्यक्ष और मंत्री ने संगठन की बैठक नहीं बुलाई। ना ही उन लोगों ने आम बैठक में आरोप के संबंध में अपना पक्ष रखने का प्रयास किया। पदाधिकारियों को लेकर तहसील के अधिवक्ताओं में असंतोष बढ़ता गया। बैठक में अधिवक्ता हितों के मद्देनजर सर्वसम्मत से निर्वाचित अध्यक्ष, मंत्री को हटा दिया गया हैै। शेष कार्यावधि में संघ का कार्य सर्वसम्मत से कार्यवाहक अध्यक्ष और मंत्री देखेंगे। बैठक में राजशरण सिंह, राजेश त्रिपाठी, प्रमोद सिंह, ब्रजविहारी पांडेय, आनंद सिंह, धनंजय सिंह, राजेश मणि, लक्ष्मी नारायण सिंह, अनिल पांडेय सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहें।
निर्वाचित अध्यक्ष और मंत्री को हटाना असंवैधानिक
बार एसोसिएशन के निर्वाचित अध्यक्ष फणिंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि निर्वाचित अध्यक्ष और मंत्री को हटाने का संविधान में कोई प्रावधान नहीं है। एल्डर्स कमेटी की ओर से बुलाई गई बैठक असंवैधानिक है। निर्वाचित पदाधिकारियों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाने की बार संघ के संविधान में कोई व्यवस्था नहीं है। निर्वाचन के बाद एल्डर्स कमेटी का अस्तित्व स्वत: समाप्त हो जाता है। निर्वाचित कमेटी अपना काम करती रहेगी।