देवरिया। बलिया से मिलावटी खोया, लड्डू, छेना और पनीर देवरिया में धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। प्राइवेट बसों की मदद से इसका खेप प्रत्येक दिन देवरिया पहुंचाया जा रहा है। इसकी भनक तक पुलिस और फूड विभाग को नहीं लग रही है।
रक्षाबंधन त्योहार में मिठाईयों की खपत बढ़ जाती है। इसके लिए बड़े पैमाने पर मिलावटी खोया, लड्डू, पनीर और छेना गैर जिलों में मंगाया जा रहा है। कारोबारी निजी वाहनों से लाने के बजाए जिम्मेदारों की नजरों से बचने के लिए प्राइवेट बसों का सहारा ले रहे हैं। बलिया से गोरखपुर तक करीब दो दर्जन प्राइवेट बसें प्रत्येक दिन चलती हैं। कारोबारी इन्हीं बसों की मदद से यह सामान पहुंचाते है। कार्टून, प्लास्टिक के बोरे और डब्बों में खाद्य सामग्री पैक कर संबंधित दुकानदारों का नाम इस पर लिख देते हैं। बस चालक या इस पर तैनात वर्कर तय स्थान पर बस पहुंचते ही फोनकर दुकानदार को बुलाकर सामान सुपुर्द कर देते हैं। सवारी से कही ज्यादा रकम बस चालकों को कारोबारियों से मिल जाती है। यह खेल करीब दो साल से चल रहा है। त्योहारों के समय इन खाद्य सामग्रियों की मांग और बढ़ जाती है। शनिवार को सलेमपुर बस स्टैंड पर बेसन का लड्डू और छेना उतारने के दौरान दुकानदार व बस खलासी के बीच एक बोरा लड्डू कम पड़ने पर कहासुनी हो गई। काफी देर तक बस खड़ी रही। इन खाद्य सामग्रियों के बहाने मादक पदार्थों भी गैर जनपदों में आसानी से तस्कर पहुंचा रहे हैं। इन बसों को न तो पुलिस हाथ देती है और फूड विभाग के अफसर कभी जांच करते हैं। इस लिए प्राइवेट बसों को माध्यम बनाया जा रहा है। फूड विभाग के अभिहित अधिकारी रामअवतार सिंह यादव ने बताया कि त्योहार को लेकर दुकानों पर छापामारी की जा रही है। प्राइवेट बसों से खाद्य सामग्री आने की जानकारी नहीं है। अभियान चलाकर इसकी जांच कराई जाएगी।