रामपुर कारखाना। ग्राम महवा में दो दिन पहले हुई मारपीट में घायल लोगों के पक्ष में पुलिस कार्रवाई नहीं होने से आक्रोशित महिलाओं ने थाने पहुंचकर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया। सुनवाई नहीं होने पर देवरिया- कसया मार्ग जाम करने का प्रयास किया। मामला गंभीर होता देख पुलिस ने महिलाओं को खदेड़ दिया। थानाध्यक्ष डीपी सिंह ने के कार्रवाई के आश्वासन पर महिलाएं शांत हुईं।
महवा गांव में छत लगाने को लेकर दो दिन पहले दो पक्षों में मारपीट हो गई थी। एक पक्ष से राम इकबाल तथा दूसरे पक्ष के सूर्यनाथ प्रसाद सहित आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे। एक पक्ष के लोग थाने पहुंचकर पुलिस से मेडिकल कराने और प्राथमिकी दर्ज की गुहार लगाई थी। दूसरे पक्ष से गंभीर रूप से घायल लोग सदर अस्पताल में इलाज कराने लगे। एक व्यक्ति की हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहीं जिला अस्पताल में दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। हालांकि घटना के बाद पुलिस ने दोनों पक्ष से एनसीआर की कार्रवाई कर दी। इस बात से नाराज गांव की महिलाएं सोमवार को रामपुर कारखाना थाने पहुंचकर प्रदर्शन करने लगीं। राम इकबाल के पक्ष में कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना था कि जब राम इकबाल के पक्ष के लोगों को गंभीर चोटें आई हैं तो उनके विरुद्ध एनसीआर की कार्रवाई क्यों की गई है। पुलिस दबाव में काम कर रही है। थानाध्यक्ष डीपी सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों पर एनसीआर की कार्रवाई की गई है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नौ लोगों का शांतिभंग में चालान
रामपुर कारखाना। मार्ग जाम करने के आरोप में नौ लोगों का शांतिभंग में चालान किया गया। थाने में प्रदर्शन के बाद देवरिया-कसया मार्ग जाम करने के आरोप में पांच पुरुष तथा चार महिलाओं को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ शांतिभंग का मुकदमा पंजीकृत कर न्यायालय के लिए चालान कर दिया गया। मार्ग जाम करने वालों में महवा निवासी योगेंद्र प्रसाद, राकेश यादव, अनिल, कृष्ण कुमार और मीरा देवी, आरती, इंदू, मुन्नी के खिलाफ मुकदमा कायम किया गया।