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साहब बेटी की तरह मानाती हूं, इसे माफ कर दीजिए

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सलेमपुर। एएनएम जिस आशा बहू को अपनी बेटी की तरह मानती थी। उसी ने एटीएम चोरी की एक लाख रुपये बैंक अकाउंट से निकाल लिया। एसपी के निर्देश पर पुलिस सक्रिय हुई और एटीएम में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाला तो आशा बहू की चोरी उजागर हो गई। आशा बहू ने गलती स्वीकार करते हुए 75 हजार रुपये एटीएम कार्ड समेत वापस कर दिया। उसकी आंखों में आंसू देख एएनएम ने उसे गले लगा लिया और बोल पड़ी साहब इसे माफ कर दीजिए, बेटी की तरह इसे मानती हूं।
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लार के तकिया धरहरा गांव की रहने वाली मालती देवी सलेमपुर सीएचसी पर एएनएम पद पर कार्यरत हैं। सलेमपुर के सलाहाबाद वार्ड में रहती हैं। इनका नगर के सेंट्रल बैंक में अकाउंट है। दस दिन पूर्व इनके घर के अंदर आलमारी में रखा हुआ एटीएम कार्ड चोरी हो गया और कई बार इनके अकाउंट से एक लाख रुपये भी निकल गए। लेकिन इसकी जानकारी एएनएम को नहीं हुई। एक जून को बाहर से आए इनके बेटे को इसकी जानकारी हुई तो घरवाले सक्रिय हुए। एसपी से मिलकर एएनएम के पति और बेटे ने इसकी शिकायत की। बेटे ने बैंक का स्टेटमेंट निकाला। इसमें सलेमपुर के एचडीएफसी बैंक के एटीएम से 40 हजार रुपये निकाला गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज घरवालों को दिखाया। इसमें एएनएम की करीबी और इसके घर आने जाने वाली एक आशा बहू दिखी। यह देख एएनएम और इसके घरवाले भी दंग रह गए। पुलिस ने बुधवार को एएनएम को कोतवाली लाई और एएनएम तथा इसके घर वालों को बुलाया। एएनएम के सामने आशा बहू जब पड़ी तो रोने लगी और गलती पर पछतावा करते हुए 75 हजार रुपये नकद और एटीएम कार्ड सौंप दिया। पुलिस की पूछताछ में बताया कि 25 हजार रुपये खर्च हो गया है। इसे बाद में वापस करने के लिए समय मांगा। एएनएम के घरवाले कार्रवाई की बात कहने लगे तो एएनएम ने कार्रवाई से मना कर दिया और बोली इसने मेरी बहुत सेवा की है और बेटी की तरह मानती हूं। इस लिए कार्रवाई नहीं चाहती हूं। कोतवाल विजय गौर ने बताया कि समझौता कर एएनएम और आश बहू चली गई। बाकी रुपये लौटाने के लिए आशा बहू ने वक्त मांगा हैं।
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