देवरिया कसया बाईपास सडक सोमनाथ मंदिर के समीप गढ्ढे में तब्दील।
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देवरिया। शहर को जाम से निजात दिलाने वाला कसया बाईपास बदहाल है। सात साल पहले निर्माण कार्य शुरू भी हुआ तो इसे आधा अधूरा ही छोड़ दिया गया। साढ़े तीन माह पहले इसके नवनिर्माण के लिए फिर टेंडर हुआ, मगर अब तक काम धरातल पर नहीं उतर पाया है। गड्ढों से पटी सड़क पर हिचकोले खाती यात्रा को राहगीर मजबूर हैं। सड़क पर उठापटक भरी यात्रा लोगों का दर्द बढ़ा रही है। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार बेपरवाह हैं।
शहर के भीड़ को कम करने के लिए करीब सात वर्ष पहले कसया रोड का बाईपास का रूप दिया गया। गोरखपुर रोड पर ओवरब्रिज से पहले ही यह सड़क बाहरी हिस्से से होते हुए कसया रोड को चली जाती है। शहर का बड़ा हिस्सा इसी बाईपास के सहारे आवागमन करता है। सब्जी मंडी, मोहन रोड, मालवीय रोड सहित मुख्य बाजार में खरीदारी के लिए बाहरी क्षेत्रों से आने वाले लोग भी सहूलियत के लिए इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। मौजूदा समय में यह सड़क पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। पैदल यात्रियों का सफर कांटों से भी मुश्किल भरा साबित हो रहा है। बड़ी गाड़ियां ऐसे हिचकोले खा रही हैं जैसे अब पलटने वाली हो। हर रोज दर्जनों की संख्या में बाइक सवार फिसलकर घायल हो रहे हैं। खास बात यह है कि इसी मार्ग पर प्राचीन सोमनाथ मंदिर, राम-जानकी मंदिर, सांई मंदिर, देवरही धाम, काली माता मंदिर, कुष्टाक्रम धाम, देइया माता का मंदिर, अब्दुल गनी शाह बाबा का मजार सहित कई अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल और पांच बड़े स्कूल हैं। सभी को इसी सड़क पर तकलीफ भरी यात्रा करनी पड़ रही है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। साइकिल से स्कूल आने-जाने वाले बच्चे सड़क के गड्ढों में गिरकर चोटहिल हो रहे हैं।