देवरिया। सरकारी अस्पतालों में दो साल से अधिक लोगों के लिए हेपेटाइटिस और टाइफाइड का टीकाकरण उपलब्ध नहीं है। सीएमओ के आदेश पर शाहजहांपुर की एक एनजीओ गांवों में जाकर टीकाकरण का काम कर रही थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान प्रभावित होने का हवाला देते हुए सीएमओ ने आदेश निरस्त कर दिया।
दो साल तक बच्चों को स्वास्थ्य विभाग में हेपेटाइटिस बी और टाइफाइड का टीका निशुल्क लगाया जाता है। जबकि इसके अधिक उम्र वाले लोगों को दोनों बीमारियों का टीका लगवाने के लिए 400 से 500 रुपये निजी खर्च कर निजी डॉक्टरों केक यहां लगवाना पड़ता है। सीएमओ ने नौ सितंबर को रैनबो मानव उत्थान समिति सिविल लाइन शाहजहांपुर की एनजीओ को दोनों बीमारियों का टीका लगाने का निर्देश मार्च 2018 तक के लिए दिया। इसमें शर्तें थी कि दो साल की उम्र से अधिक लोगों को टीका लगाना है। हेपेटाइटिस का 50 और टाइफाइड वैक्सीन का 80 रुपये लेना है। स्वतंत्रतासेनानी और दिव्यांगों का निशुल्क टीका लगाना है। टीका लगाने के दौरान एमबीबीएस डाक्टर, एनएम की मौजूदगी अनिवार्य है। तय रेट से अधिक एनजीओ वर्कर लोगों से टीकाकरण के नाम पर वसूली करने लगे और स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान का दुष्प्रचार करना शुरू कर दिए थे। इसकी शिकायत अफसरों तक पहुंची। दो दिन पूर्व मीटिंग में डीएम सुजीत कुमार ने सीएमओ से एनजीओ के माध्यम से कराए जा रहे टीकाकरण पर रोक लगाने को कहा। सीएमओ डॉ. रामनिवास ने बताया कि विभाग की ओर से चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान फ्लाप हो रहा था। एनजीओ के वर्कर खुद के फायदे के लिए दुष्प्रचार कर रहे थे। इस लिए दो माह में ही संस्था का निर्देश निरस्त कर दिया गया।