देवरिया। तू डाल-डाल तो मैं पात-पात की कहावत स्वास्थ्य महकमा पर चरितार्थ हो रही है। करीब 15 दिनों से जिला अस्पताल का बॉयोमेट्रिक मशीन खराब है। इसके चलते सिर्फ मैनुअल हाजिरी डॉक्टर और कर्मचारियों की लग रही है। इससे कर्मचारियों का लेटलतीफ ड्यूटी पर आना आम बात हो गई है।
समय से ड्यूटी पर आने के लिए प्रदेश सरकार से स्वास्थ्य विभाग में बॉयोमेट्रिक मशीन लगवाया। ताकि ड्यूटी पर आने का टाइम मालूम हो सके। जिला अस्पताल के सीएमएस कार्यालय के बगल में बॉयोमेट्रिक मशीन लगाया गया था। अस्पताल में तैनात करीब 118 डॉक्टर और कर्मचारी प्रतिदिन बॉयोमेट्रिक हाजिरी लगाते थे। इसकी वजह से सुबह आठ बजे लोगों का आना पड़ता था। देरी होने पर मशीन सही समय बताएगा। करीब पंद्रह रोज पहले किसी कर्मचारी ने मशीन को जान बूझकर खराब कर दिया। इसकी वजह से मशीन में लगा सेंसर काम करना बंद कर दिया। लेकिन मशीन खराब होने की जानकारी दो दिन बाद जिम्मेदारों को हुई। सूचना पर पहुंचा कंपनी का वर्कर बॉयोमेट्रिक मशीन को ठीक करने के लिए ले गया। इन दिनों डॉक्टर और कर्मचारी सुबह आठ बजे की बजाए देर से ड्यूटी पर पहुंच रहे हैं। करीब एक माह पूर्व परसिया चंदौर सीएचसी पर लगा बॉयोमेट्रिक मशीन में किसी कर्मचारी ने पानी डाल दिया था। सरकार की लाख कोशिशों के बाद कर्मचारी अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे है। सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि बचाव के लिए जान बूझकर कर्मचारी मशीन को खराब किए होंगे। बाबू से बात हुई है। दो दिन में बॉयोमेट्रिक मशीन लग जाएगा और इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी एक कर्मचारी को दी जाएगी।