भाभी के भाई के घर बारात लेकर पहुंची दो बच्चों की मां
अमर उजाला ब्यूरो
बरहज (देवरिया)। एलान के मुताबिक देवरिया में दो बच्चों की मां भाभी के भाई से शादी के लिए बारात लेकर उसके घर पहुंच गई। इधर, युवक के गांववाले भी लाठी लेकर बारात के विरोध में तैयार थे। अनहोनी की आशंका से पांच थानों की पुलिस महिला सिपाहियों के साथ पहुंची थी। जिसका डर था वही हुआ। चकरा उपाध्याय गांव में बारात पहुंचते ही युवक के समर्थन में आए गांव वाले भिड़ गए। इससे बारातियों में शामिल महिलाएं सहित कई लोग जख्मी हो गए। मौके पर मौजूद पुलिस बमुश्किल मामले को संभाली और दोनों पक्षों को थाने ले गई। इस बीच जिस युवक से शादी होनी थी वह गांव से चला गया।
चकरा उपाध्याय गांव के तुलसी गुप्ता की बेटी सिंधु की शादी भलुअनी निवासी नंदलाल गुप्त के बेटे मनीष से हुई। सिंधु के घर उसके छोटे भाई बृजेश का अक्सर आना-जाना रहता है। यहीं पर मायके में रह रही सिंधु की शादीशुदा ननद सुलोचना से बृजेश की नजदीकी बढ़ गई। सुलोचना की शादी मझौलीराज के हरिशंकर से हुई है। उसकाएक बेटा और एक बेटी भी है। इसबीच बृजेश ने सुलोचना से दूरी बना ली। इससे नाराज सुलोचना ने उसके घर बारात ले जाने का एलान कर दिया। उसने पुलिस से सुरक्षा मांगी। उधर बृजेश के घरवालों ने इसके विरोध में थाने में शिकायत की। आखिरकार बृहस्पतिवार को सुलोचना वाकई में बारात लेकर पहुंच गई।
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असंपादित
बारात लेकर पहुंची दो बच्चों की मां, जमकर हुआ बवाल
- बारात युवक के गांव पहुंचते ही हमला, कई बाराती महिलाएं घायल
- महिला के हाथ में आई चोट, युवक पहले ही हो गया था घर से फरार
- भलुअनी से गाजे-बाजे के साथ रवाना हुई थी बारात, जमकर हुआ नाचगाना
- भाभी के भाई से शादी पर अड़ी हुई है विवाहिता, थाने में चलती रही पंचायत
अमर उजाला ब्यूरो
बरहज (देवरिया)। दो बच्चे की मां युवक के घर बारात लेकर पहुंची तो हंगामा हो गया। बारात के विरोध में पहले से तैयार बैठे युवक के गांव वालों ने पुलिस की मौजूदगी में ही बारातियों पर हमला बोल दिया। गाड़ियों को तोड़ा-फोड़ा गया। अफरा-तफरी के माहौल में हुई मारपीट व धक्का-मुक्की के चलते बारात में शामिल कई महिलाएं चोटिल हो गईं। चूंकि महिला ने पहले ही 22 जून को बारात ले जाने का एलान कर रखा था इसलिए युवक के चकरा उपाध्याय गांव में पांच थानों की पुलिस और महिला पुलिस तैनात थी। एडिशनल एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा भी मौजूद थे। इसके बावजूद घराती-बाराती भिड़ गए। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने-बुझाने की कोशिश की, लेकिन महिला शादी की जिद पर अड़ी रही। उधर, बवाल की आशंका को देखते हुए वह युवक, जिससे शादी के लिए बारात आई थी, पहले से ही गांव से चला गया था। युवक के गांव वाले भी उसके समर्थन में पूरी तरह अडिग थे। मामला बिगड़ता देख पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई।
चकरा उपाध्याय गांव के तुलसी गुप्ता की पुत्री सिंधु की शादी आठ फरवरी 2013 को भलुअनी निवासी नंदलाल गुप्त के पुत्र मनीष से हुई। नंदलाल के घर बहन सिंधु का रिश्ता होने के नाते छोटा भाई बृजेश का अक्सर आना-जाना लगा रहता है। सिंधु की ननद सुलोचना की शादी 2004 में मझौलीराज के हरिशंकर से हुई थी। उसकाएक बेटा और एक बेटी भी है। शादी के बावजूद सुलोचना काफी दिन से मायके में ही रह रही है। इस बीच बृजेश और सुलोचना के बीच मधुर संबंध हो गए, लेकिन बाद में युवक पीछे हट गया। इससे नाराज सुलोचना ने उसके घर बारात ले जाने का एलान कर दिया। उसने पुलिस से सुरक्षा मांगी। उधर युवक के घरवालों ने इसके विरोध में थाने में शिकायत की थी। आखिरकार 22 जून की वह तारीख आ ही गई और सुलोचना वाकई में बारात लेकर जा पहुंची।