देवरिया। जिले में सिंचाई की सरकारी व्यवस्था बदहाल है। सूखे की मार झेल रहे धान के किसानों को नलकूप विभाग राहत नहीं दे पा रहा है। देवरिया खंड में 422 में से 19 ट्यूबवेल लगभग एक माह से बंद पड़े हैं। तीन का मोटर जल गया है तो 16 के ट्रांसफार्मर फुंक गए हैं। इसके चलते ट्यूबवेल की परिधि में आने वाली करीब 1400 हेक्टेयर फसल सूखे की आंच से झुलस रही है।
10 दिन से अधिक गुजर गए जिले में बारिश की एक फुहार तक नहीं आई है। बादलों ने इस बार जिले वासियों से मुंह मोड़ लिया है। जुलाई माह में जहां औसत वर्षा 257 मिली मीटर होनी चाहिए, वहीं जून से अबतक महज 131.80 एमएम बारिश हो पाई है। सुबह से शाम तक निकल रही तीखी धूप और लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। किसान पंपिंगसेट के सहारे धान की फसल बचाने में जुटे हैं। इससे उनका खर्च प्रति हेक्टर 1200 के करीब आ रहा है। जबकि शासन ने ट्यूबवेल से सिंचाई की व्यवस्था निशुल्क की है। यह भी ऐन वक्त पर दगा दे रहे हैं। एक न एक जगह खराबी आती जा रही है।
यहां बंद पड़े हैं ट्यूबवेल
सदर ब्लाक के फुलवरिया लच्छी, जंगल ठकुरही, पिपरा चंद्रभान, बरइठा, तिघरा, खरवा, रूद्रपुर के अमौनी, रामचक, तेतरिया, मुरली गनियारी, टड़वा देवरिया, रामपुर कारखाना के विशुनपुर कला, गौरीबाजार के साहसबह, लेहड़ा, देवतहा, बरहज के परसिया तिवारी, बैतालपुर के बढया तिवारी, देसही देवरिया के समोगर, बैजनाथपुर में ट्यूबवेल बंद पड़ा है।
जिले में खरीफ फसलों की बुवाई
फसल - रकबा (हेक्टेयर में)
धान - 131343
मक्का - 4555
बाजरा - 139
ज्वार - 55
दलहन - 4661
तिलहन - 1847
कुल योग - 112600
1250 रुपये आ रहा पंपिंगसेट से सिंचाई का खर्च
इन दिनों डीजल प्रति लीटर 89.69 रुपये बिक रहा है। एक हेक्टेयर फसल की सिंचाई में करीब 10 लीटर डीजल की खपत हो रही है। इससे डीजल पर किसानों का करीब नौ सौ रुपये खर्च हो रहा है। इसके अलावा पंपिंगसेट खींचकर बोर तक ले जाने और सिंचाई करने के लिए एक मजदूर को 350 रुपये दिहाड़ी देनी पड़ रही है।
बोले किसान-
- मैंने दो तीन एकड़ में धान की खेती की है। रोपाई के दौरान भी लेव लगवाने के लिए पंपिंग सेट से पानी चलवाना पड़ा। ट्रांसफार्मर फुंक जाने के कारण ट्यूबवेल बंद पड़ा है। फसल मुरझा रही है।
- ब्यास तिवारी, बढया तिवारी।
मेरे गांव का ट्यूबवेल अक्सर खराब रहता है। खासकर धान के सीजन में कभी बिजली व्यवस्था गड़बड़ हो जाती है तो कभी मोटर जल जाता है। इस बार भी ट्यूवेल का ट्रांसफार्मर फुंक गया है। पंपिंगसेट से सिंचाई करने में प्रति हेक्टेयर 12 से 13 सौ का खर्च आ रहा है।
- गणेश मिश्र, किसान बरइठा।
ट्यूबवेल ट्रांसफार्मर फुंकने के चलते बंद हैं। इसके लिए बिजली निगम के अधिकारियों से बात की जा रही है। जल्द ही चालू करा दिया जाएगा। - संजय कुमार, एक्सईएन नलकूप।