छोटी काशी से वाराणसी तक समीकरण साधेंगे पीएम
सातवें चरण के लिए रुद्रपुर में होगी पूर्वांचल में पीएम की पहली सभा
वर्ष 2014 की तरह अंतिम चरण के प्रचार को लगाएंगे टॉप गियर
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 12 मई को रुद्रपुर में होने वाली जनसभा कई मायनों में खास होगी। बाबा दुग्धेश्वरनाथ की भूमि से वह अंतिम चरण में शामिल पूर्वांचल की 11 सीटों के लिए संदेश देंगेे। सभा की तिथि और स्थल का चयन भी इस लिहाज से किया गया है ताकि ‘छोटी काशी’ से वाराणसी तक के समीकरणों को साधा जा सके। पड़ोसी बस्ती मंडल की तीन सीटों के लिए इसी दिन होने वाले मतदान पर भी मोदी की सभा का असर पड़ना तय माना जा रहा है।
क्रांतिकारियों की भूमि रुद्रपुर का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रहा है। स्वतंत्रता आंदोलन में रुद्रपुर के सतासी स्टेट ने अहम भूमिका निभाई थी। यहां के बाबा दुग्धेश्वरनाथ समूचे पूर्वांचल में जन आस्था के केंद्र है। यही कारण है कि इस नगरी को छोटी काशी के रुप में पहचान मिली है। काशी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है, जहां अंतिम चरण में चुनाव होना है। चंदौली, गाजीपुर, बलिया, घोसी, सलेमपुर, देवरिया, बांसगांव, गोरखपुर, महराजगंज और कुशीनगर में भी मतदान इसी चरण में है। वर्ष 2014 में यह सभी सीटें भाजपा के पाले में आई थी। यह ऐसे जिले हैं, जहां के लोग किसी न किसी रुप से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इनमें से अधिकांश सीटों पर भाजपा के दिग्गज नेता मैदान में हैं। दस मई को छठवें चरण का प्रचार थमने के बाद भाजपा का पूरा फोकस इन्हीं सीटों पर है। रुद्रपुर में प्रधानमंत्री की सभा से देवरिया, बांसगांव, गोरखपुर और सलेमपुर का माहौल तो प्रभावित होगा ही आसपास की वह सीटें भी प्रभावित होंगी, जहां इसी दिन मतदान होना है। बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर के अलावा इसी चरण में जिले की सीमा से सटे बिहार सिवान और गोपालगंज में भी वोट पड़ेंगे। पिछली बार भी नरेंद्र मोदी ने रुद्रपुर की सभा से खुद को ‘नीच जाति’ से जोड़कर अंतिम चरण का माहौल बदल दिया था। तब मतदान में सिर्फ पांच दिन शेष थे। अंतिम समय में हुए इस वार का जब तक विपक्ष काट ढूंढता, मतदान की तिथि आ चुकी थी। इस बार छह दिनों बाद वोट पड़ेंगे। ऐसे में यह माना जा रहा है कि विपक्ष को पटखनी देने के लिए प्रधानमंत्री फिर से बड़ा प्रहार करेंगे।