मालवीय रोड पर दो दिन से नही उठा कूडा राहगीरो और दुकानदारो के लिए बना मुसीबत
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देवरिया। तीन दिनों से शहर में कूड़ा उठान ठप हो गया है। मोहल्लों से एकत्रित किया जाने वाला कूड़ा सफाई कर्मचारी शहर के सड़कों पर उड़ेल रहे हैं। आलम यह कि शहर के मुख्य बाजार, वीआईपी कॉलोनियों सहित हर तरफ सड़क पर कूड़ा पसर गया है। गंदगी और दुर्गंध से लोग परेशान हैं। डंपिंग ग्राउंड की समस्या बताकर पालिका प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए हैं।
रविवार को कुर्ना नाला स्थित अस्थाई डंपिग ग्राउंड में आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। रेलवे काफी दिनों से अपने जमीन पर कूड़ा गिराने को लेकर आपत्ति जता रहा था। अब आग लगाने की घटना के बाद डीएम के स्तर से भी नगर पालिका को वहां कूड़ा गिराने से मना कर दिया गया है। कोई विकल्प न देख नगर पालिका प्रशासन ने सड़कों पर ही कचरा उड़ेलना शुरू किया है। पिछले तीन दिनों से मोहल्लों से तो कूड़ा कलेक्शन हो रहा है, लेकिन उसे डंपिंग ग्राउंड तक नहीं पहुंचाया जा रहा। सफाईकर्मी सुबह मुख्य बाजार, कॉलोनियों के पास सड़क पर कूड़ा उड़ेल दे रहे हैं। इसका उठान न होने से कूड़ा जस का तस पड़ा हुआ है। तीन दिनों में करीब दो सौ टन कूड़ा सड़कों पर ही पसरा हुआ है। सार्वजनिक स्थलों पर रखे डस्टबिन भर चुके हैं। नालों से निकाले गए सिल्ट फोरलेन सहित कई मुख्य मार्गों पर पड़े हुए हैं। पालिका पर रोजाना करीब 75 टन कूड़े का बोझ बढ़ रहा है। जिम्मेदार समझ नहीं पा रहे कि इतना कूड़ा आखिर कहां ले जाएं। नगर पालिका परिषद की चेयरमैन अलका सिंह ने डीएम को पत्र लिखकर कूड़ा डंपिंग के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है।
कूड़ा डंपिंग को चाहिए पांच से दस एकड़ जमीन
जिले में दो नगर पालिका व नौ नगर पंचायतें हैं, लेकिन किसी के पास स्थाई डंपिंग ग्राउंड की व्यवस्था नहीं है। सभी जगह मिलाकर रोजाना करीब पांच सौ टन कूड़ा निकलता है। इसके संयुक्त निस्तारण का खाका तैयार करने में जिला प्रशासन ने कई साल गुजार दिए लेकिन अब तक यह व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हो पाई। नगर वासियों को दिलासा देने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने जैसे कार्ययोजना जरूर तैयार की गई लेकिन फाइल नगर पालिका कार्यालय में पड़ी रही। उसे आगे नहीं बढ़ाया गया।
कूड़ा डंप करने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। फिर भी नगर पालिका की ओर से अस्थाई विकल्प के तौर पर कूना नाले के पास खाली पड़ी जमीन का उपयोग कूड़ा डंब करने के लिए किया जा रहा था। स्थानीय लोगों व रेलवे के विरोध के चलते वहां कूड़ा नहीं गिराया जा रहा है। इसके लिए डीएम की तरफ से मौखिक रूप से मना किया गया है। -अलका सिंह, चेयरमैन नगर पालिका परिषद, देवरिया।