देवरिया। सावन के पहले सोमवार को भोर से लेकर दोपहर तक शहर एवं जिले के विभिन्न जगहों पर स्थित शिवालयों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु उमड़े रहे। महिला-पुरुष एवं युवतियों ने पूरे भक्ति भाव से भगवान शिव की आराधना की। रिमझिम बारिश के बीच शिवालय बोल बम के जयकारों से गूंजते रहे।
शहर के सोमनाथ मंदिर, पुलिस लाइन के शिवालय, भटवलिया एवं न्यू कॉलोनी स्थित सिद्घेश्वरनाथ शिव मंदिर, कचहरी चौराहे के ओंकारेश्वर पंचदेव, कसया रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर सहित शहर के अन्य मंदिरों में भोर से ही भक्तों की जुटान रही। दूध, बेलपत्र, गन्ना, मदार एवं शिव को प्रिय सामग्रियों के साथ श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और देवाधिदेव का जलाभिषेक पूरे भक्ति भाव से किया और मन्नतें मांगी। कई मंदिरों पर भक्तों ने रुद्राभिषेक भी वैदिक आचार्यों की देखरेख में शुरू कराया। पुलिस लाइन शिवालय के पुजारी नारायण मणि त्रिपाठी ने बताया कि सावन को देखते मंदिर के सभी देवताओं का भव्य शृंगार किया गया था। श्रद्धालुओं ने जल चढ़ाने के बाद लक्ष्मी-विष्णु, हनुमान, राम दरबार, मां दुर्गा, साईं बाबा एवं नवग्रह मंदिर में भी जाकर दर्शन पूजन किया।
बाबा धाम रवाना हुए कांवड़िये
रिमझिम बारिश के बीच सावन के पहले सोमवार को जिले के विभिन्न जगहों से रिमझिम बारिश के बीच वाहन पर डीजे सजाकर कांवड़िये बोल बम के जयकारों के साथ बाबा धाम को रवाना हुए। इसके पूर्व उन्होंने महेन स्थित महेंद्रनाथ, रुद्रपुर के दुग्धेश्वरनाथ एवं मझौलीराज के दीघेश्वरनाथ आदि प्रमुख शिवालयों में भी जल चढ़ाया।
फूल तोड़ने को लेकर कांवड़िये से विवाद
खुखुंदू। पहले सोमवार पर इलाके के शिव मंदिरों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। पूरा दिन हर हर महादेव गूंजता रहा। प्राचीन शिव मंदिर मठिया में भक्तों का रेला लगा रहा। उधर, परसिया मिश्र के सोनहुला में शिव मंदिर के पास मदार का फूल तोड़ने को लेकर एक वर्ग के लोगों से कांवड़िये का विवाद हो गया। नोक-झोंक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए तत्काल स्थिति पर काबू पाया। दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देकर वहां से हटाया।